देश में इस समय यूजीसी (UGC) को लेकर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। वर्ष 2025 से शुरू हुआ यह विवाद अब 2026 में भी लगातार जारी है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद पर तैनात अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने त्यागपत्र के पीछे दो प्रमुख कारण बताए हैं।
अलंकार अग्निहोत्री ने पहला कारण यूजीसी को लेकर चल रहे विरोध को बताया है, जबकि दूसरा कारण प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के साथ हुए कथित अपमान को बताया है। उनके इस फैसले से राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। वहीं, इस इस्तीफे ने विपक्षी दलों को सरकार पर हमला बोलने का एक और मौका दे दिया है।
अलंकार अग्निहोत्री ने क्या कहा
इस्तीफा सौंपने के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय उन्होंने ब्राह्मण समाज के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के उद्देश्य से लिया है। उनका कहना है कि प्रशासन की चुप्पी और राजनीतिक नेतृत्व के मौन रवैये ने समाज के भरोसे को गहरी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने सभी ब्राह्मण सांसदों और विधायकों से अपील की कि वे तत्काल अपने पदों से इस्तीफा दें और जनता के साथ मजबूती से खड़े हों। साथ ही उन्होंने यूजीसी से जुड़े नियमों को एकतरफा बताते हुए कहा कि इससे छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उनके अनुसार, ये नियम न केवल शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि छात्रों के व्यक्तिगत जीवन को भी जोखिम में डाल सकते हैं।
कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री
इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री मूल रूप से कानपुर के निवासी हैं। उन्होंने वर्ष 2019 में यूपीपीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण की थी और सेवा में रहते हुए उन्हें अभी महज छह वर्ष ही हुए थे। इतने कम समय में उनका अचानक इस्तीफा प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री का कहना है कि वह इस पूरे घटनाक्रम से गहराई से आहत हैं और इसी वजह से उन्होंने यह कठोर निर्णय लिया।
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