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बिहार के लिए आज का दिन ऐतिहासिक, मोतिहारी में होगी दुनिया के सबसे ऊंचे शिवलिंग की स्थापना

बिहार के मोतिहारी में विराट रामायण मंदिर में 33 फीट ऊंचे और 210 टन वजनी ‘सहस्त्रलिंगम’ शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा हो रही है, जो आस्था, कला और सांस्कृतिक धरोहर का संगम है।

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बिहार: पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में स्थित विराट रामायण मंदिर में शनिवार, 17 जनवरी को कुछ खास हो रहा है। यहां दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग स्थापित किया जा रहा है, जिसे लोग ‘सहस्त्रलिंगम’ कहते हैं। सोचिए, एक ही ग्रैनाइट पत्थर से करीब 33 फीट ऊंचा और 210 टन वजनी शिवलिंग तराशा गया है। मान्यता है कि सहस्त्रलिंगम के दर्शन और पूजा का फल हजारों शिवलिंगों की पूजा के बराबर मिलता है, इसी वजह से इसका अलग ही आध्यात्मिक महत्व है। मौके की खासियत और बढ़ गई है क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद आकर इस ऐतिहासिक पूजा और स्थापना में हिस्सा लेंगे।

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पूजा, हवन और प्राण-प्रतिष्ठा

सुबह से ही परंपरागत वैदिक मंत्रों के साथ पूजा शुरू हो जाएगी। शिवलिंग पर विशेष पूजा, रुद्राभिषेक और हवन होंगे। इसके बाद प्राण-प्रतिष्ठा की रस्म पूरी की जाएगी। पूरा अनुष्ठान सुबह से दोपहर तक चलेगा। मंदिर प्रशासन और प्रशासनिक टीम श्रद्धालुओं से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील कर रहे हैं, ताकि सब कुछ सही तरीके से हो सके। सुरक्षा को लेकर सख्त इंतजाम किए गए हैं, और श्रद्धालुओं की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। ये आयोजन सिर्फ धार्मिक रस्म नहीं है, ये लोगों की साझा आस्था और परंपरा का एक मजबूत इशारा है।

भक्तों का जोश और प्रशासन की मुस्तैदी

जैसे ही शिवलिंग मोतिहारी पहुंचा, इलाके में एक अलग ही उत्साह देखने को मिला। आस-पास के लोगों के अलावा दूर-दूर से आए श्रद्धालु भी मंदिर में जुट रहे हैं। पूरा मंदिर परिसर फूलों, रोशनी और पारंपरिक सजावट से चमक रहा है। भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है, और भारी वाहनों की आवाजाही फिलहाल रोक दी गई है। जिला प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि किसी को कोई परेशानी न हो।

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विराट रामायण मंदिर बना बिहार की नई पहचान

विराट रामायण मंदिर खुद में एक भव्य सपना है, जो 120 से 125 एकड़ में बस रहा है। यहां 22 मंदिर और 18 शिखर बनने हैं, और मुख्य मंदिर करीब 270 फीट ऊंचा होगा। 2030 तक इसे पूरा करने का प्लान है। इसके बाद ये दुनिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर परिसरों में शामिल हो जाएगा। ये विशाल शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम में सालों की मेहनत से बना और करीब 2,500 किलोमीटर की यात्रा कर बिहार पहुंचा है। जानकार मानते हैं, ये स्थापना बिहार को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के नक्शे पर एक खास जगह दिलाने जा रही है, जहां आस्था और उपलब्धि एक साथ दिखती है।

Keywords: World’S Tallest Shivling Motihari, Virat Ramayan Temple Bihar, Sahasralingam, Bihar Religious Tourism

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