श्री राम की नगरी अयोध्या एक बार फिर से सज गई है। पीएम मोदी आज अयोध्या में स्थित राम मंदिर के शिखर पर ध्वजा फहराया। ध्वजा फहराना मंदिर के निर्माण के पूरा होने का प्रतीक है। पूरे अयोध्या में एक पर्व के तौर पर इसे मनाया जा रहा है। बता दें कि अयोध्या पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने सबसे पहले रामलला का दर्शन किया। उसके बाद उन्होंने राम मंदिर के शिखर ध्वजा फहराया। इस दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी वहां पर मौजूद थे। इस दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, आज हम सबके लिए एक सार्थकता का दिन है। इतने लोगों ने सपना देखा, इतने लोगों ने प्रयास किए, इतने लोगों ने अपने प्राण अर्पण किए आज उनकी आत्मा को तृप्त हुई होगी। आज वास्तव में अशोक जी को वहां शांति मिली होगी। उन्होंने अपना प्राण अर्पण किया और अपना पसीना बहाया तथा पीछे रहे वो भी मन में इच्छा करते रहे कि मंदिर बनेगा-बनेगा और आज मंदिर निर्माण की शास्त्रीय प्रक्रिया पूर्ण हो गई। ध्वजारोहण हो गया। हमने इसे अपनी आंखों से देखा है।
अयोध्या में पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, आज अयोध्या नगरी भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और उत्कर्ष-बिंदु की साक्षी बन रही है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर ध्वजारोहण उत्सव का यह क्षण अद्वितीय और अलौकिक है। सियावर रामचंद्र की जय! उन्होंने कहा, आज संपूर्ण भारत और विश्व राममय है। हर राम भक्त के हृदय में अपार अलौकिक आनंद है। सदियों के घाव भर रहे हैं। आज सदियों की वेदना विराम पा रही है। सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा, सदियों के घाव भर रहे हैं। सदियों की वेदना आज विराम पा रही है। सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है। आज उस यज्ञ की पूर्णाहुति है, जिसकी अग्नि 500 वर्ष तक प्रज्वलित रही। जो यज्ञ एक पल भी आस्था से डिगा नहीं, एक पल भी विश्वास से टूटा नहीं।
ये धर्मध्वजा केवल एक ध्वजा नहीं, ये भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है। इसका भगवा रंग, इसपर रचित सूर्यवंश की ख्याति, वर्णित ॐ शब्द और अंकित कोविदार वृक्ष रामराज्य की कीर्ति को प्रतिरूपित करता है। ये ध्वज।संकल्प है, सफलता है! ये ध्वज।संघर्ष से सृजन की गाथा है, सदियों से चले आ रहे स्वप्नों का साकार स्वरूप है। ये ध्वज।संतों की साधना और समाज की सहभागिता की सार्थक परिणीति है। ये धर्मध्वज प्रेरणा बनेगा कि प्राण जाए, पर वचन न जाए अर्थात जो कहा जाए, वही किया जाए। ये धर्मध्वज संदेश देगा – कर्मप्रधान विश्व रचि राखा अर्थात विश्व में कर्म और कर्तव्य की प्रधानता हो। ये धर्मध्वज कामना करेगा – बैर न बिग्रह आस न त्रासा, सुखमय ताहि सदा सब आसा यानी भेदभाव, पीड़ा, परेशानी से मुक्ति और समाज में शांति एवं सुख हो।
क्या है मंदिर पर फहराए जाने वाले ध्वज की खासियत?
प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ ध्वज को लेकर जो जानकारी दी गई है। उसके मुताबिक अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर जो भगवा ध्वज का आकार समकोण त्रिभुजाकार है। इस ध्वज की ऊंचाई 10 फुट और लंबाई 20 फुट की है। भगवान राम के तेज और वीरता का प्रतीक को दर्शाने वाले दीप्तिमान सूर्य की तस्वीर को ध्वज पर बनाया गया है। इसके अलावा ध्वज पर ॐ का चिन्ह बना हुआ है और उसके साथ कोविदार वृक्ष की तस्वीर बनी है। श्री राम मंदिर फहराया गया ध्वजा एकता और सांस्कृतिक के साथ गरिमा को दर्शाता है। इस ध्वज के निर्माण में पैराशूट कपड़े और रेशम के धागों से बनाया गया है।
ध्वज को 42 फूट के खंभे पर लगाकर मंदिर के 161 फुट उंचे शिखर पर लगाया जाएगा। झंडा पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर आर्किटेक्चरल स्टाइल में बने शिखर पर फहराया जाएगा, जबकि मंदिर के चारों ओर बना 800 मीटर का परकोटा, जो दक्षिण भारतीय आर्किटेक्चरल परंपरा में डिज़ाइन किया गया है, मंदिर की आर्किटेक्चरल विविधता को दिखाता है।
Keywords: Ram Mandir Flag Hoisting, PM Modi Ayodhya Visit, Ram Janmabhoomi Ceremony

