जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल में हुए आतंकी हमले की जांच अंतिम चरण में है। 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में आतंकियों ने 26 निर्दोष नागरिकों को जान से मार दिया था। अब NIA जल्द ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने वाली है। सूत्रों के अनुसार इसमें पाकिस्तान से जुड़े तीन आतंकवादी और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके प्रॉक्सी संगठन TRF के नाम शामिल हो सकते हैं। NIA की जांच बहुत ही विस्तार में रही है, एजेंसी ने अब तक 1,000 से अधिक लोगों से पूछताछ की है और कई अहम सबूत इकट्ठा किये हैं। अदालत ने सितंबर में एजेंसी को 45 दिनों का अधिक समय दिया था, जो अब समाप्त हो रहा है। अब चार्जशीट में नए खुलासों पर सबकी नजर बानी हुई है।
आतंकी ठिकानों को पनाह देने वाले गिरफ्तार
बता दें, इस मामले में NIA ने दो स्थानीय लोगों, बाशिर अहमद जोथार और परवेज अहमद जोथार, को गिरफ्तार किया गया है। NIA के अनुसार, इन दोनों ने पाकिस्तान से आए तीन आतंकियों को अपने घर में छिपाया था। इन आतंकियों की पहचान सुलेमान शाह, हमजा अफगानी (अफगान) और जिबरान के रूप में हुई है। सूत्रों के मुताबिक, NIA अधिकारियों ने 18 अक्टूबर को जम्मू की एक जेल में दोनों आरोपियों से कई घंटे तक पूछताछ की। जांच में कुछ पाकिस्तानी मोबाइल नंबर भी मिले हैं, जो इस साजिश को पाकिस्तान से जोड़ते हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी पूरी हो चुकी है और इसमें पाकिस्तान की भूमिका साफ दिखाई देगी।
मारे गए आतंकी, लेकिन खुलेंगे और राज
26 निर्दोष लोगों की हत्या करने वाले तीनों आतंकवादी 28 जुलाई को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। यह मुठभेड़ दाचीगम जंगल इलाके में हुई थी। अगले दिन, 29 जुलाई को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पुष्टि की कि ये आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे और उनका ताल्लुक लश्कर-ए-तैयबा से था। एक अधिकारी के अनुसार, चार्जशीट में लश्कर और उसके प्रॉक्सी संगठन TRF का नाम भी शामिल किया जाएगा। जांच के दौरान NIA को बाशिर और परवेज से कुछ पाकिस्तानी नंबर मिले हैं, जिन्हें इस साजिश को उजागर करने में बहुत अहम माना जा रहा है। ये सबूत पूरी साजिश को पाकिस्तान से जुड़े होने की दिशा में जोड़ते हैं।
भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से दिया जवाब
इस हमले के बाद भारतीय सेना ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। इस ऑपरेशन में जवानों ने सीमापार जाकर आतंकियों के कई ठिकानों को तबाह किया। यह कार्रवाई चार दिन तक चली और पाकिस्तान को झकझोर कर रख दिया। अंत में पाकिस्तानी पक्ष के रिक्वेस्ट पर ‘सीजफायर’ लागू किया गया। अब NIA की आने वाली चार्जशीट से यह क्लियर होगा कि इस हमले में सिर्फ आतंकियों का ही हाथ था या पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों की भी साजिश शामिल थी। देश की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह इस मामले की गहराई तक पहुंचने और आतंकवाद की जड़ तक पहुंचने के लिए जुटी हुई हैं। यह चार्जशीट आने वाले खुलासों की दिशा तय करेगी।
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