अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर यह बात कहकर सबको हैरान कर दिया है कि उन्होंने इंडिया और पाकिस्तान के बीच एक परमाणु वॉर होने से रोक दिया था। साउथ कोरिया में हुए एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग एपेक मीटिंग के दौरान स्पीच देते हुए ट्रंप ने यह बड़ा क्लेम फिर से कहा है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच 7 नए फाइटर प्लेन गिर चुके थे और वे दोनों परमाणु बम वाले देश हैं।
उन्होंने साफ साफ बताया कि इंडिया और पाकिस्तान की लड़ाई को रोकने के लिए उन्होंने प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के फील्ड मार्शल को कॉल किया था। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने दोनों लीडर्स को यह धमकी दी थी कि अगर यह लड़ाई चलती रही तो अमेरिका दोनों देशों के साथ ट्रेड डील नहीं करेगा और उनके ऊपर 250 प्रतिशत का टैरिफ लगा देगा। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच सिर्फ 2 दिन में फोन आ गया कि अब वे नहीं लड़ेंगे और इस तरह से लाखों लोगों की जान बचाई जा सकी। हालांकि इंडिया ने हमेशा से ट्रंप के इस क्लेम को गलत बताया है और कहा है कि यह संघर्ष विराम दोनों देशों के डीजीएमओ की बातचीत से हुआ था जिसमें किसी तीसरे देश ने कुछ नहीं किया था।
ट्रंप ने बताया पीएम मोदी को दुनिया का सबसे स्ट्रॉन्ग और स्मार्ट लीडर
ट्रंप ने प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी की बहुत तारीफ की और कहा कि वह दुनिया के सबसे अच्छे दिखने वाले लीडर हैं। अमेरिकी प्रेसिडेंट ने कहा कि मोदी दिखने में एक पिता जैसे लगते हैं पर वह नर्क से भी ज्यादा स्ट्रॉन्ग एक ‘किलर’ हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि इंडिया के साथ उनका रिश्ता कमाल का है और वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने बताया कि इंडिया के साथ ट्रेड डील बहुत जल्द फाइनल हो जाएगी। हालांकि उन्होंने पाकिस्तान के प्राइम मिनिस्टर को भी अच्छा इंसान बताया और उनके फील्ड मार्शल को बहादुर वॉरियर कहा पर पीएम मोदी के लिए उनकी तारीफ बहुत ज्यादा थी।
हाल ही में दोनों लीडर्स के बीच 3 बार फोन पर बात हुई थी। पहली बार पीएम मोदी को उनके बर्थडे की बधाई दी गई, दूसरी गाजा शांति समझौते पर बात हुई और तीसरी दिवाली के मौके पर बात हुई थी। ट्रंप ने बताया कि मोदी एक सच्चे दोस्त हैं और ट्रेड डील पर बातें सही दिशा में रहीं हैं। अमेरिकी प्रेसिडेंट के इन बयानों से एक बात तो क्लियर है कि इंडिया और अमेरिका के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं।
Keywords: Trum Cease Fire, Trump Praises Modi, Operation Sindoor

