बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का छठ पूजा के मौके पर चिराग पासवान के घर जाना एक बड़ी बात है क्योंकि इससे लोगों में बहुत हलचल हुई है। नीतीश कुमार का खुद चलकर चिराग पासवान से मिलना और उसके बदले में चिराग पासवान का झुककर उनके पैर छूना यह साफ दिखाता है कि दोनों नेताओं के बीच 2020 के विधानसभा चुनाव की जो पुरानी नाराजगी थी, अब शायद वह पूरी तरह खत्म हो रही है। नीतीश कुमार कोई भी काम बिना सोचे समझे नहीं करते हैं, चाहे वह कोई बयान देना हो या किसी से मिलना हो, वह हर कदम बहुत सोचकर ही उठाते हैं, जैसे कि वह पहले लालू यादव के घर मकर संक्रांति पर दही चूड़ा खाने जाते थे।
नीतीश कुमार का चिराग पासवान के घर जाना इतना खास क्यों
इस बार चिराग पासवान के घर जाकर नीतीश कुमार का उनसे मिलना थोड़ा अलग है क्योंकि 2020 में चिराग पासवान ने अपने उम्मीदवार खड़े करके नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को बहुत परेशानी में डाल दिया था। इसलिए यह कह सकते हैं कि नीतीश कुमार उस समय के बाद से बहुत सावधान हो गए हैं। यही वजह है कि 2025 के चुनाव के लिए वह कोई भी फैसला बहुत सोच समझकर ले रहे हैं, और सबसे बड़ा सवाल यही है कि नीतीश कुमार को खुद चिराग पासवान के घर जाने की जरूरत क्यों पड़ी, जबकि पहले दोनों के रिश्ते बहुत खराब थे।
बड़े मंच पर भी दिखा था अच्छा तालमेल
मौका चाहे कोई भी हो, राजनीति तो हर जगह होती है, चाहे वह छठ पूजा का मौका हो या मकर संक्रांति का। नीतीश कुमार और चिराग पासवान का रिश्ता पिछले लगभग पाँच साल से बहुत तनाव भरा रहा था, लेकिन अब सबके सामने यह तनाव कम होता दिख रहा है। चिराग पासवान का नीतीश कुमार के पैर छूना यह दिखाता है कि वह उन्हें सबके सामने इज्जत दे रहे हैं। यह अच्छा दृश्य सिर्फ छठ के मौके पर ही नहीं, बल्कि 24 अक्टूबर को समस्तीपुर की रैली में भी देखने को मिला था। उस रैली के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बिहार एनडीए के सभी बड़े नेता थे। जैसे ही नीतीश कुमार गाड़ी से उतरे थे, उनका स्वागत करने पहुंचे चिराग पासवान ने तुरंत झुककर उनके पैर छू लिए थे, और दोनों के बीच जो दोस्ती का भाव दिखा, वह सबको बहुत पसंद आया था।
चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पर आभार जताया
नीतीश कुमार ने चिराग पासवान से मिलने के बाद बहुत सरल तरीके से कहा कि अरे भाई, हम तो बस ऐसे ही दर्शन करने आ गए। इस मौके पर चिराग पासवान के जीजाजी और जमुई के सांसद अरुण भारती भी वहाँ मौजूद थे। बाद में चिराग पासवान ने अपने परिवार के साथ हुई मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं। उन्होंने लिखा कि माननीय मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद, जो आज आप मेरे घर आए और खरना का प्रसाद खाया। मेरे परिवार के लोगों से मिलकर छठ महापर्व की शुभकामनाएं देने के लिए आपका दिल से आभार।
सीटों के बंटवारे से चिराग पहले से ही खुश हैं
साल 2020 की हालत अब से बहुत अलग थी, और अब 2025 में चीजें काफी बेहतर हैं। पिछली बार चिराग पासवान एनडीए से अलग होकर अकेले चुनाव लड़े थे, लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए में उन्हें 29 सीटें लड़ने को मिली हैं। चिराग पासवान इस सीट बंटवारे से पहले ही बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि मैं बहुत खुश और संतुष्ट हूँ, मेरे पास खुश न होने का कोई कारण नहीं है क्योंकि जिस पार्टी का एक भी विधायक नहीं है, उस पर मेरे प्रधानमंत्री ने इतना भरोसा दिखाया है। उन्होंने मुझे 29 सीटें लड़ने के लिए दी हैं, ठीक वैसे ही जैसे लोकसभा चुनाव में मेरी पार्टी को पाँच सीटें दी गई थीं। जब सब कुछ ठीक है और चिराग पासवान ने अपनी खुशी पहले ही जाहिर कर दी है, तो अब नीतीश कुमार को किस बात की चिंता है, यह सवाल अभी भी बना हुआ है।
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