बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी बिगुल फूँक दिया है। समस्तीपुर से अपनी पहली बड़ी जनसभा में, पीएम मोदी ने ‘ओबीसी कार्ड’ खेलते हुए राज्य के सामाजिक समीकरणों पर सीधा ध्यान दिया। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत में ही सबको बताया कि वह खुद, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर तीनों पिछड़ा वर्ग से आते हैं। यह बयान साफ दिखाता है कि उनकी नजर समाज के सबसे बड़े तबके पर है।
जननायक कर्पूरी ठाकुर का सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें ‘कर्पूरी ग्राम’ में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि देने का मौका मिला, जिसे वह बड़ा आशीर्वाद मानते हैं। उन्होंने कहा कि यह उन्हीं का आशीर्वाद है कि आज मंच पर उनके जैसे, नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर जैसे पिछड़े और गरीब परिवारों से निकले लोग खड़े हैं। पीएम मोदी ने कर्पूरी ठाकुर को ‘माँ भारती का अनमोल रत्न’ बताया। उन्होंने कहा कि आज़ाद भारत में सामाजिक न्याय लाने और गरीब तथा वंचित लोगों को नए मौके देने में कर्पूरी ठाकुर की भूमिका बहुत खास रही है।
सामाजिक न्याय का पक्का आधार
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित किया, जो उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार जननायक कर्पूरी ठाकुर को अपना सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत मानती है। उन्होंने साफ किया कि ‘वंचितों को वरीयता’, ‘पिछड़ों को प्राथमिकता’ और ‘गरीबों की सेवा’—इन्हीं बातों पर उनकी सरकार आगे बढ़ रही है। पीएम मोदी ने बताया कि उनकी सरकार गरीब को पक्का घर, मुफ्त अनाज, मुफ्त इलाज, शौचालय, और पीने का साफ पानी जैसी हर जरूरी सुविधा दे रही है। उन्होंने कहा कि कर्पूरी बाबू ने जो सामाजिक न्याय का रास्ता दिखाया था, बीजेपी और एनडीए ने उसी को ‘सुशासन’ का आधार बनाया है।
आरक्षण और नई शिक्षा नीति पर जोर
पीएम मोदी ने बताया कि उनकी सरकार ने गरीबों, दलितों, पिछड़ों और अतिपिछड़ों के हितों को हमेशा सबसे पहले रखा है। उन्होंने याद दिलाया कि यह उनकी सरकार ही है जिसने सामान्य वर्ग के गरीबों को भी 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया था। इसके साथ ही, बीजेपी सरकार ने अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षण को भी 10 साल के लिए आगे बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए अखिल भारतीय कोटे में भी पिछड़ों और गरीबों के लिए आरक्षण का प्रावधान एनडीए सरकार ने ही किया। उन्होंने यह भी बताया कि ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देने की मांग दशकों से हो रही थी, जिसे एनडीए सरकार ने ही पूरा किया। पीएम मोदी ने ‘नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ की भी तारीफ की और कहा कि इसमें स्थानीय भाषा में पढ़ाई पर जोर दिया गया है, ताकि गरीब और वंचित वर्ग का बेटा भी अपनी भाषा में पढ़ाई करके परीक्षा दे सके।
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