बिहार में चल रहे लोकसभा चुनाव के बीच महागठबंधन के दो ज़रूरी दलों, राष्ट्रीय जनता दल यानी आरजेडी और कांग्रेस पार्टी के बीच मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं, जिससे साथ मिलकर चुनाव प्रचार शुरू करने में देरी हो रही है। पहले कुछ सीटों पर दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों के एक दूसरे के सामने खड़े होने यानी ‘फ्रेंडली फाइट’ की वजह से आई दूरी अब बड़े मामलों जैसे कि साथ मिलकर प्रचार करने और चुनावी वादों के मसले पर भी दिखाई देने लगी है। दोनों के बीच आपसी तालमेल की कमी इतनी बढ़ गई है कि एक साथ चुनावी अभियान शुरू होने पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
आपसी सहमति न बनने से प्रचार में रुकावट
आरजेडी और कांग्रेस के बीच चल रही यह खींचतान अभी तक खत्म नहीं हो पाई है, जिसका सीधा असर चुनाव प्रचार पर पड़ रहा है। दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पाने के कारण अभी तक एक साथ मिलकर कोई भी चुनावी सभा या अभियान शुरू नहीं हो पाया है। जिन जगहों पर दोनों पार्टियों के उम्मीदवार एक दूसरे के सामने खड़े हैं, वहाँ पर यह दूरी और भी ज़्यादा बढ़ गई है, जिससे ज़मीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में भी उलझन है। इस झगड़े को खत्म करने के लिए कांग्रेस पार्टी के कुछ बड़े नेता लगातार कोशिश कर रहे हैं और खबर यह है कि कांग्रेस के एक बड़े नेता अशोक गहलोत आज पटना आकर तेजस्वी यादव से मुलाकात कर सकते हैं। यह भी सुनने में आया है कि आरजेडी के साथ रिश्तों में आई खराबी के बाद कांग्रेस ने बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्ण अल्लावारु को थोड़ा पीछे कर दिया है।
साझा चुनावी वादों पर फैसला क्यों नहीं
आरजेडी और कांग्रेस के बीच साझा चुनावी वादों और घोषणा पत्र पर भी कोई सहमति नहीं बन पा रही है, जो इस देरी की एक और बड़ी वजह है। दोनों पार्टियों ने अपने-अपने चुनावी वादे जनता के सामने रखे हैं जो कई मायनों में एक जैसे हैं, लेकिन एक साथ मिलकर एक ही घोषणा पत्र जारी करने पर अभी तक कोई आखिरी फैसला नहीं हो पाया है। महागठबंधन की एक कमिटी को घोषणा पत्र का मसौदा तैयार करने के लिए बनाया गया था, लेकिन वह कमिटी भी अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुँच पाई है। दोनों दलों की इस अंदरूनी लड़ाई और आपसी तालमेल की कमी के कारण ही साथ मिलकर चुनाव प्रचार शुरू करने में लगातार देरी हो रही है।
विपक्षी नेताओं ने साधा निशाना
महागठबंधन में चल रही इस अंदरूनी परेशानी पर दूसरे दलों के नेता लगातार सवाल उठा रहे हैं और तंज कस रहे हैं। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव ही महागठबंधन में अकेले बड़े नेता हैं और दूसरी पार्टियाँ उनके सामने कुछ भी नहीं हैं। उन्होंने इशारों-इशारों में यह भी कहा कि पहले जो नेता इधर-उधर घूमकर बड़ी बातें कर रहा था, वह नेता अब बिहार या पूरे देश में कहीं दिखाई नहीं दे रहा है, जिसका मतलब साफ़ तौर पर कांग्रेस के नेताओं पर निशाना साधना था।
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