पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और वाणिज्यिक शहर लाहौर सहित कई शहरों में शहबाज़ शरीफ सरकार के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) द्वारा इजरायल और अमेरिका की नीतियों के विरोध में किया जा रहा है। हालात को देखते हुए राजधानी इस्लामाबाद को सुरक्षित रखने के लिए कई शहरों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है और लॉकडाउन लगा दिया गया है।
सड़कों पर हिंसक झड़प, पुलिसिया कार्रवाई
TLP के कार्यकर्ता सड़कों पर हुजूम लेकर इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास की ओर बढ़ रहे हैं। लाहौर में अभी भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं। इस हिंसक प्रदर्शन में TLP के एक कार्यकर्ता और एक पुलिसकर्मी की मौत हुई है। TLP कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस पर पथराव किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन और हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया।
विरोध प्रदर्शन का कारण
TLP ने शुक्रवार को इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास के बाहर इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की पुलिस ने TLP के प्रमुख साद हुसैन रिजवी को गिरफ्तार करने के लिए पार्टी मुख्यालय पर छापा मारा। TLP ने दावा किया कि पुलिस के साथ झड़पों में उसके एक कार्यकर्ता की मौत हो गई और 20 घायल हो गए।
राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और पाबंदियां
शहबाज़ सरकार ने राजधानी की ओर जाने वाली सड़कों को सील कर दिया है। सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए रावलपिंडी में धारा 144 लागू कर दी है। इतना ही नहीं स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए इस्लामाबाद और रावलपिंडी में अनिश्चित काल के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद करने का आदेश दिया गया है।
हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने अमेरिका का दौरा किया था और शुरुआत में ट्रंप द्वारा पेश किए गए 20 सूत्रीय गाजा शांति समझौते का समर्थन किया था। हालांकि, बाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार इस समझौते से पीछे हट गए थे, जिसका उल्लेख इस विरोध प्रदर्शन के पीछे की पृष्ठभूमि में किया जा रहा है।
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