- Advertisement -

सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश, हाई सिक्योरिटी जोन में फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायालय की गरिमा और सुरक्षा बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब उच्च सुरक्षा क्षेत्र में फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और सोशल मीडिया कंटेंट बनाने पर रोक लगा दी गई है।

4 Min Read

सर्वोच्च न्यायालय ने नोटिस जारी कर अपने परिसर के उच्च सुरक्षा क्षेत्र ( High Security Zone ) में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय न्यायालय की गरिमा, अनुशासन और सुरक्षा को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। महासचिव की ओर से जारी इस आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि वकील, वादी, प्रशिक्षु, विधि लिपिक या मीडिया प्रतिनिधि किसी भी स्थिति में वहां फोटो या वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं कर सकेंगे। इस क्षेत्र में मोबाइल फोन, कैमरा, ट्राइपॉड या सेल्फी स्टिक जैसे उपकरणों का इस्तेमाल भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह पहल उस चिंता के बाद की गई है जिसमें कोर्ट परिसर में रील और सोशल मीडिया कंटेंट बनाने को लेकर वकीलों के साथ-साथ अन्य हितधारकों ने गंभीर आपत्ति जताई थी।

- Advertisement -
Ad image

मीडिया कवरेज के लिए निर्धारित स्थान

नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मीडिया को साक्षात्कार या समाचार का सीधा प्रसारण करने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन यह केवल कम सुरक्षा वाले मीडिया लॉन में ही संभव होगा। उच्च सुरक्षा क्षेत्र में किसी भी तरह की रिकॉर्डिंग पर सख्त मनाही होगी। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि न्यायिक कार्यवाही प्रभावित न हो और मीडिया अपनी जिम्मेदारी निर्धारित दायरे में रहकर पूरी कर सके। मीडिया कर्मियों द्वारा नियम तोड़े जाने पर उनकी उच्च सुरक्षा क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति एक महीने तक रद्द की जा सकती है। इस तरह, कोर्ट ने प्रेस की स्वतंत्रता और संस्थान की गरिमा दोनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।

उल्लंघन करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

दिशा-निर्देशों के तहत यदि कोई वकील, वादी, प्रशिक्षु या विधि लिपिक इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो संबंधित बार एसोसिएशन या राज्य बार काउंसिल उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। वहीं, यदि सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री का कोई कर्मचारी इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अन्य विभागों से जुड़े लोगों के मामले में उनके विभागाध्यक्ष से सख्त कदम उठाने का आग्रह किया जाएगा। आदेश का उल्लंघन रोकने के लिए सुरक्षा कर्मियों को भी विशेष अधिकार दिए गए हैं। उन्हें कोर्ट परिसर के भीतर किसी को भी फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी करने से रोकने का अधिकार होगा।

- Advertisement -
Ad image

कोर्ट की मर्यादा को रखने के लिए उठाया गया यह कदम

दरअसल, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर यह चिंता जताई थी कि वकील और अन्य लोग अदालत के भीतर मोबाइल से रील और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी प्रस्ताव पारित कर ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इन परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट प्रशासन ने यह कड़ा कदम उठाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय न केवल न्यायालय की मर्यादा को बनाए रखेगा, बल्कि न्यायिक व्यवस्था की गंभीरता और सुरक्षा को भी मजबूत करेगा। इससे न्यायालय का वातावरण अधिक अनुशासित और पेशेवर बनेगा, जो न्याय वितरण की प्रक्रिया के लिए अनिवार्य है।

KeywordsSupreme Court Guidelines, Supreme Court Circular, Photography Ban, Videography Ban, Security Measures, Court Dignity, Lawyers Restrictions, Media Coverage Rules, Supreme Court India, High Security Zone

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं

- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

लेटेस्ट
चुटकी शॉट्स
वीडियो
वेबस्टोरी
मेन्यू