जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। इस घटना ने न केवल घाटी बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इसके जवाब में भारतीय सेना ने 7 मई को “ऑपरेशन सिंदूर” चलाकर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया। हालांकि, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे ) के नेता संजय राउत का कहना है कि यह जवाब अधूरा है और शहीदों की माताओं के आंसू अभी भी सूखे नहीं हैं। इसी पीड़ा और आक्रोश को प्रतीकात्मक रूप से आवाज़ देने के लिए रविवार को महाराष्ट्र में “सिंदूर रक्षा आंदोलन” आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजारों महिलाएं प्रधानमंत्री मोदी को अपने घर से सिंदूर भेजेंगी।
क्रिकेट मैच पर राजनीति की चिंगारी
इस पूरे घटनाक्रम के बीच 14 सितंबर को अबू धाबी में होने वाले भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर भी विवाद तेज हो गया है। संजय राउत ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि जब देश की माताएं शोक में हैं, तब सत्ता पक्ष के नेता और उनके परिवार क्रिकेट का मज़ा लेने जाएंगे। उन्होंने इसे “देशद्रोह” करार दिया और सवाल उठाया कि सरकार की संवेदनशीलता कहां है। राउत के अनुसार, यह आंदोलन केवल भावनाओं का प्रतीक नहीं बल्कि एक संदेश है कि माताओं का “सिंदूर” ही राष्ट्र की असली ताकत है और इसका अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मुद्दे को उजागर करते हुए राउत ने एक्स (पूर्व में ट्वीटर) पर ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा राउत ने लिखा, “पहलगाँव हमले में 26 माँ-बहनों का सिंदूर मिटा, उनका आक्रोश अभी थमा नहीं। ऑपरेशन सिंदूर, जो आतंकी पाकिस्तान को तोड़ने के लिए शुरू हुआ, अभी खत्म नहीं हुआ। फिर भी अबू धाबी में भारत-पाक क्रिकेट मैच खेला जा रहा है।(14th September) बीजेपी मंत्रियों के बच्चे इसे देखने ज़रूर जाएँगे। यह सीधा देशद्रोह है। इसके खिलाफ शिवसेना (UBT)महिला आघाडी रविवार को “सिंदूर रक्षा” आंदोलन करेगी। महाराष्ट्र की हज़ारों महिलाएँ प्रधानमंत्री मोदी को घर-घर से सिंदूर भेजेंगी। सिंदूर के सम्मान में शिवसेना मैदान में!”
पहलगाँव हमले में 26 माँ-बहनों का सिंदूर मिटा, उनका आक्रोश अभी थमा नहीं।⁰ऑपरेशन सिंदूर, जो आतंकी पाकिस्तान को तोड़ने के लिए शुरू हुआ, अभी खत्म नहीं हुआ।⁰फिर भी अबू धाबी में भारत-पाक क्रिकेट मैच खेला जा रहा है।(14th September)⁰बीजेपी मंत्रियों के बच्चे इसे देखने ज़रूर जाएँगे।… pic.twitter.com/tkQYMcb5nZ
— Sanjay Raut (@rautsanjay61) September 11, 2025
नेपाल से सबक और गांधी की विरासत
संजय राउत ने इस मौके पर पड़ोसी देश नेपाल में चल रहे जनआंदोलन का हवाला देते हुए भारत सरकार को आगाह किया। उन्होंने कहा कि नेपाल में भ्रष्टाचार, तानाशाही और वंशवाद के खिलाफ जनता सड़कों पर है और ऐसी ही स्थिति भारत में भी बन सकती है। हालांकि, भारत अब तक अशांत नहीं हुआ है क्योंकि यहां महात्मा गांधी की अहिंसक विचारधारा में लोगों का विश्वास है। राउत ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार गांधीजी की निंदा तो करती है, लेकिन वास्तव में उनकी सरकार का अस्तित्व गांधी की ही विचारधारा के कारण टिका हुआ है।
विदेश नीति और बेरोज़गारी पर सरकार को घेरा
इतना ही नहीं राउत ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को भी कठघरे में खड़ा किया। उनके मुताबिक, नेपाल कभी भारत का घनिष्ठ मित्र था और उसे “बड़ा भाई” मानता था, लेकिन संकट की घड़ी में भारत ने साथ नहीं दिया। यही वजह है कि पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते कमजोर हो रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने बेरोज़गारी, महंगाई और पलायन जैसी समस्याओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि सरकार युवाओं के धैर्य की परीक्षा ले रही है। “प्रधानमंत्री 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देते हैं, इसका मतलब है कि गरीबी जस की तस बनी हुई है।” राउत ने यह भी कहा कि भारत का पैसा विदेशों में जा रहा है और सत्ता से जुड़े परिवार अपने बच्चों को दुबई और सिंगापुर भेज रहे हैं।
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