बचपन से ही हमें रोजाना दूध पीने की सलाह दी जाती है। यह कैल्शियम, प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ शरीर की पाचन क्षमता भी कमजोर होने लगती है। यही कारण है कि बहुत से लोग दूध को ठीक से पचा नहीं पाते और उन्हें ब्लोटिंग, गैस, कब्ज या डायरिया जैसी दिक्कतें होने लगती हैं।
कब तक फायदेमंद है दूध पीना?
हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि उम्र बढ़ने पर शरीर में लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या बढ़ जाती है। यानी दूध में मौजूद शुगर (लैक्टोज) को पचाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में जिन लोगों को दूध पीने के बाद पेट से जुड़ी दिक्कतें होती हैं, उन्हें इसकी जगह हल्के और आसानी से पचने वाले विकल्प चुनने चाहिए।
दूध के बेहतर विकल्प क्या हैं?
अगर आपको दूध पीने के बाद परेशानी महसूस होती है, तो आप इन विकल्पों को डाइट में शामिल कर सकते हैं, सोया मिल्क, आलमंड (बादाम) मिल्क,ओट्स मिल्क ध्यान रखें कि हमेशा शुगर-फ्री और फोर्टिफाइड वेरायटी का ही सेवन करें। ये कम कैलोरी के साथ आपको भरपूर पोषण देते हैं।
इसके अलावा दही (योगर्ट) भी एक अच्छा विकल्प है, जो दूध की तुलना में पचने में आसान है और कैल्शियम व प्रोटीन से भरपूर होता है।
बच्चों को कब दें प्लांट-बेस्ड मिल्क?
विशेषज्ञों के अनुसार, 12 महीने से छोटे बच्चों को प्लांट-बेस्ड मिल्क नहीं देना चाहिए।
12 से 24 महीने की उम्र के बच्चों को जरूरत पड़ने पर केवल फोर्टिफाइड, बिना शुगर वाला सोया मिल्क दिया जा सकता है।बड़ी उम्र के बच्चों को, अगर दूध से पाचन की समस्या होती है, तो धीरे-धीरे प्लांट-बेस्ड विकल्प शामिल किए जा सकते हैं।दूध हर उम्र में जरूरी नहीं है। अगर आपका शरीर इसे पचा नहीं पा रहा, तो बेझिझक हेल्दी विकल्प अपनाएं। सही चुनाव से आप बिना किसी परेशानी के अपनी डाइट में कैल्शियम और पोषण की भरपाई कर सकते हैं।
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