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महाराष्ट्र में लेबर लॉ में बड़ा बदलाव, अब ज्यादा काम, ज्यादा मौके!

महाराष्ट्र सरकार ने अब फैक्ट्रियों में काम के घंटे 9 से बढ़ाकर 12 कर दिए गए हैं, जबकि दुकानों और प्रतिष्ठानों के लिए भी नियमों में बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों का मकसद निवेश बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में फैक्ट्री एक्ट, 1948 में अहम संशोधन किए गए। अब फैक्ट्री में काम करने वालों के लिए दैनिक कार्य घंटे 9 से बढ़ाकर 12 कर दिए गए हैं। पहले 5 घंटे काम करने के बाद 30 मिनट का ब्रेक मिलता था, जिसे अब बढ़ाकर 6 घंटे के बाद करने का नियम किया गया है। इसी तरह, साप्ताहिक कामकाज की अधिकतम सीमा 10.5 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी गई है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव उद्योगों को बेहतर तरीके से चलाने और अचानक बढ़ी मांग या कर्मचारियों की कमी जैसी परिस्थितियों से निपटने में मदद करेगा।

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कर्मचारियों को अतिरिक्त आय और सुरक्षा का अवसर

सरकार का मानना है कि इन संशोधनों से कर्मचारियों को नुकसान नहीं बल्कि फायदा होगा। अतिरिक्त कार्य घंटों के लिए कानूनी रूप से अतिरिक्त आय सुनिश्चित की जाएगी और मजदूरी सुरक्षा भी दी जाएगी। यानी, अब कर्मचारी चाहें तो अतिरिक्त समय काम करके अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उद्योग जगत का मानना है कि इससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और कंपनियों को अचानक काम का बोझ बढ़ने पर भी कामकाज प्रभावित नहीं होगा।

दुकानों और कारखानों पर भी असर

अब जिन कारखानो में 20 से अधिक कर्मचारी हैं, वहां दैनिक काम के घंटे 9 से बढ़ाकर 10 कर दिए गए हैं। वहीं, आपात स्थिति में कर्मचारियों से 12 घंटे तक काम कराया जा सकेगा। ओवरटाइम की सीमा 125 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई है। छोटे प्रतिष्ठानों यानी जिनमें 20 से कम कर्मचारी हैं, उन्हें अब रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, व्यवसाय शुरू करने से पहले सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी।

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निवेश और रोजगार के नए अवसर

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम महाराष्ट्र को निवेश के लिए और आकर्षक बनाएगा। फैक्ट्री और प्रतिष्ठान नियमों में ढील से उद्योगों के लिए संचालन आसान होगा और नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। हालांकि, श्रमिक संगठनों का कहना है कि लंबे कार्य घंटे कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। इस पर सरकार का कहना है कि सभी बदलाव अंतरराष्ट्रीय मानकों और मजदूरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये संशोधन राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार बाजार को कितना आगे ले जाते हैं।

Keywords Maharashtra Factories Act Amendment, Maharashtra Labour Law Changes, Shops And Establishments Act 2017, Employment In Maharashtra, Worker Rights, Devendra Fadnavis Cabinet Decision, Labour Reforms, Investment Boost

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