मणिपुर के सेनापति जिले के छोटे से गांव कैबी की रहने वाली इंस्पेक्टर अदासो कपेसा ने देश की सबसे प्रतिष्ठित सुरक्षा इकाई, स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) में शामिल होकर इतिहास रच दिया वह पीएम मोदी की सुरक्षा में तैनात होने वाली पहली महिला कमांडो हैं। उनकी एक तस्वीर, जिसमें वह काले सूट और ईयरपीस के साथ पीएम के पीछे आत्मविश्वास से खड़ी हुई दिख रही हैं।
अदासो कपेसा की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई।
अदासो कपेसा मणिपुर के माओ नागा जनजाति से तालुक हैं। साधारण पृष्ठभूमि और सीमित संसाधनों वाले गांव से आने वाली अदासो ने बचपन से ही बड़े सपने देखे। उन्होंने स्थानीय स्कूल से पढ़ाई पूरी की और फिर सशस्त्र सीमा बल (SSB) में शामिल हुईं। वह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में SSB की 55वीं बटालियन में इंस्पेक्टर (जनरल ड्यूटी) के पद पर तैनात थीं। अपनी मेहनत, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के दम पर उन्होंने SPG में जगह बनाई।
अदासो कपेसा मणिपुर के सेनापति ज़िले के कैबी गांव की रहने वाली हैं। एक सामान्य पृष्ठभूमि से आने के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को कभी आंखों से ओझल नहीं होने दिया। परिवार और समाज के सहयोग से उन्होंने अपने सफर की शुरुआत की और धीरे-धीरे अपने सपनों को आकार दिया।
एसपीजी में शामिल होने से पहले अदासो कपेसा सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 55वीं बटालियन में पिथौरागढ़ में इंस्पेक्टर (जनरल ड्यूटी) के पद पर कार्यरत थीं। वहाँ भी उन्होंने अपने कार्य से उच्च स्तर की प्रतिबद्धता और अनुशासन का परिचय दिया, जिससे उनकी पहचान एक सशक्त महिला अधिकारी के रूप में बनी।
एसपीजी यानी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप में चयन भारत के सबसे कठिन चयन प्रोसेस में से एक है। अदासो को डेप्युटेशन पर एसपीजी में भेजा गया, जहाँ उन्होंने अत्यंत कठोर कमांडो प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के दौरान उनका प्रदर्शन इतना शानदार रहा कि उन्हें प्रधानमंत्री की सुरक्षा टीम में नियुक्त किया गया।
अदासो कपेसा अब प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात होने वाली पहली महिला अफसर बन गई हैं। यह उपलब्धि केवल मणिपुर या उनके गांव की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की बेटियों के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि लगन, साहस और मेहनत से किसी भी ऊँचाई को छूना संभव है।
SPG में शामिल होना कोई आसान काम नहीं है। यह भारत की सबसे विशिष्ट सुरक्षा इकाई है, जो केवल प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। SPG में चयन के लिए कठिन शारीरिक और मानसिक परीक्षणों से गुजरना पड़ता है, जिसमें हथियारों की ट्रेनिंग, मार्शल आर्ट, बम डिफ्यूजिंग, और गुप्त मिशनों की तैयारी शामिल है। अदासो ने 2020 में SPG कमांडो ट्रेनिंग पूरी की और 2024 में पीएम की कोर सुरक्षा टीम में शामिल हुईं। इस तरह कपेसा ने पुरुष प्रधान देश की महिलाओं के लिए एक मिसाल कायम की।
अदासो कपेसा की SPG में तैनाती न केवल उनकी व्यक्तिगत जीत है, बल्कि यह भारत के सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक है। उनकी तस्वीरें खासकर पीएम मोदी की हालिया ब्रिटेन यात्रा के दौरान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनीं। लोग उन्हें ‘नारी शक्ति’ और ‘राष्ट्रीय गौरव’ कहकर सराह रहे हैं। खासकर मणिपुर और पूर्वोत्तर भारत के लोग उनकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
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