मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों से जुड़े एक पुराने प्रावधान में बदलाव करते हुए बड़ी राहत देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश के बाद दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों पर लागू प्रतिबंध हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस फैसले के बाद अब अधिक संख्या में अभ्यर्थियों के लिए सरकारी सेवाओं में अवसर खुलेंगे। लंबे समय से इस नियम में संशोधन की मांग की जा रही थी, जिसे सरकार ने अब स्वीकार कर लिया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने भर्ती नियमों में प्रस्तावित उस शर्त को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें दो से अधिक बच्चों वाले आवेदकों को सरकारी सेवाओं के लिए अयोग्य माना गया था। सरकार के अनुसार, संबंधित प्रावधान को वापस लेने का निर्णय लागू कर दिया गया है और इससे जुड़ी जानकारी को आधिकारिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी हटा दिया गया है। इससे भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में इस शर्त का प्रभाव नहीं रहेगा।
दो दशक से ज्यादा समय से लागू था नियम
मध्य प्रदेश में दो बच्चों से जुड़ा यह प्रावधान करीब 23 साल पहले जनसंख्या नियंत्रण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू किया गया था। इसके तहत निर्धारित तिथि के बाद दो से अधिक संतान वाले लोगों के लिए सरकारी नौकरी और कुछ विभागीय अवसरों पर प्रतिबंध लगाया गया था। यह शर्त केवल नए अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं थी, बल्कि सरकारी कर्मचारियों के सेवा नियमों का भी हिस्सा थी। नियम के उल्लंघन की स्थिति में कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान भी रखा गया था।
नियम हटाने के फैसले को मिला समर्थन
राज्य सरकार का मानना है कि बदलते सामाजिक और प्रशासनिक हालात को देखते हुए इस प्रावधान की समीक्षा जरूरी थी। लंबे समय से कर्मचारी संगठनों और विभिन्न वर्गों की ओर से इसे हटाने की मांग की जा रही थी। उनका कहना था कि यह नियम कई परिवारों के लिए व्यावहारिक कठिनाइयां पैदा कर रहा था। सरकार अब नए संशोधित नियमों का मसौदा तैयार कर उसे सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी करेगी। अंतिम अधिसूचना लागू होने तक सरकारी भर्तियों में दो बच्चों से जुड़ी शर्त प्रभावी नहीं रहेगी।
Keywords: MP Two Child Policy, Mohan Yadav Statement, Madhya Pradesh News