केरल में प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। ईडी की टीमें तिरुवनंतपुरम स्थित उनके आवास, सीएमआरएल ऑफिस और राज्य के अन्य स्थानों समेत कुल 12 जगहों पर जांच कर रही हैं। यह कार्रवाई उस फैसले के बाद तेज हुई, जिसमें केरल हाई कोर्ट ने सीएमआरएल मामले में ईडी जांच रद्द करने की मांग खारिज कर दी थी।
दरअसल, पूरा मामला कोच्चि की कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़ा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, कंपनी ने 2012-13 से 2018-19 के बीच ट्रांसपोर्ट और स्लज हैंडलिंग के नाम पर करोड़ों रुपये के संदिग्ध खर्च दिखाए। आरोप है कि इस रकम को नकद में निकालकर राजनीतिक और अन्य प्रभावशाली लोगों तक पहुंचाया गया।
बेटी की कंपनी पर जांच का शिकंजा
ईडी ने 2024 में पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन और उनकी आईटी फर्म को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, एक खनिज कंपनी से कथित तौर पर संदिग्ध भुगतान प्राप्त होने के आरोप सामने आए थे। यह कार्रवाई गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) की शिकायत के आधार पर शुरू की गई थी।
वीणा विजयन पर लगे ये आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, कोच्चि की कंपनी CMRL ने 2017-18 के दौरान वीणा विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को करीब 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। आरोप है कि यह रकम कथित सेवाओं के नाम पर दी गई, जबकि बदले में कोई वास्तविक काम नहीं हुआ। दस्तावेजों में इसे सॉफ्टवेयर और मार्केटिंग सेवाओं का भुगतान बताया गया, जिसे लेकर अब जांच जारी है।
जांच कैसे पहुंची ED तक?
इस केस ने पहली बार 2019 में सुर्खियां बटोरी थीं, जब आयकर विभाग ने CMRL के ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में कंपनी के खातों और लेनदेन में कथित गड़बड़ियों के संकेत मिले। बाद में टैक्स सेटलमेंट बोर्ड ने भी Exalogic को किए गए कुछ भुगतानों पर सवाल उठाए और उन्हें संदिग्ध माना। इसके बाद जनवरी 2024 में केंद्र सरकार ने SFIO को विस्तृत जांच सौंपी। जांच के दौरान कंपनीज एक्ट की धारा 447 के तहत कथित धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ, जिसके आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच को आगे बढ़ाया।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद बढ़ी कार्रवाई
केरल हाई कोर्ट ने हाल ही में CMRL और उससे जुड़े अधिकारियों की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें ईडी की जांच और समन पर रोक लगाने की मांग की गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच एजेंसी को कार्रवाई करने का अधिकार है। कोर्ट ने यह भी माना कि इनकम टैक्स मामलों में मिली राहत का असर PMLA जांच पर नहीं पड़ेगा। इसके बाद ईडी ने जांच की रफ्तार बढ़ा दी है और माना जा रहा है कि आने वाले समय में कई प्रभावशाली लोगों से पूछताछ हो सकती है।
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