- Advertisement -
- Advertisement -

राघोपुर में चुनावी रैली के बाद प्रशांत किशोर पर केस दर्ज, जानें पूरा मामला

भारत बिहार
prashant kishor booked after election rally in raghopur know full details

बिहार की राजनीति में इस बार मुकाबला दिलचस्प होता दिख रहा है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार के रूप में पहचान बना चुके प्रशांत किशोर (PK) ने शनिवार को वैशाली जिले के राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से अपने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत की। यही क्षेत्र राजद नेता तेजस्वी यादव का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। प्रशांत किशोर के आगमन पर उनके समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उनके काफिले के साथ नजर आई, जो अब विवाद की वजह बन गई है।

आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का आरोप

प्रशांत किशोर के राघोपुर पहुंचने के बाद अब उनके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राघोपुर थाने में यह केस अंचलाधिकारी (CO) के आवेदन पर दर्ज किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि प्रशांत किशोर सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ चुनावी क्षेत्र में पहुंचे, जिससे चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन हुआ। स्थानीय प्रशासन ने इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की। चुनावी मौसम में ऐसे आरोप न केवल उम्मीदवार की छवि पर असर डालते हैं, बल्कि राजनीतिक बयानबाजी को भी और तेज कर देते हैं।

तेजस्वी यादव पर तीखा हमला

रैली के दौरान प्रशांत किशोर ने सीधे तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। उन्होंने जनता से सवाल किया कि “आपका विधायक दो बार उपमुख्यमंत्री रहा, क्या उसने कभी आपकी समस्याएं सुनीं?” इस पर कई ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की। प्रशांत किशोर ने तेजस्वी पर यह भी तंज कसा कि अगर उन्हें अपने हारने का डर है, तो वह दो जगह से चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन राघोपुर में उनका हाल वैसा ही होगा जैसा 2019 में राहुल गांधी का अमेठी में हुआ था। इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है, क्योंकि राघोपुर हमेशा से यादव परिवार का मजबूत गढ़ रहा है।

क्या राघोपुर से ही उतरेंगे PK?

हालांकि यह सवाल अभी बाकी है कि क्या प्रशांत किशोर खुद राघोपुर से चुनाव लड़ेंगे या किसी अन्य उम्मीदवार को मौका देंगे। इस पर उन्होंने कहा कि “जन सुराज पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति रविवार को बैठक करेगी, और राघोपुर से मिले फीडबैक के आधार पर सबसे उपयुक्त उम्मीदवार तय किया जाएगा।” हालांकि, उनके इस बयान से यह संकेत तो साफ है कि वे तेजस्वी के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के मूड में हैं। अगर प्रशांत किशोर खुद मैदान में उतरते हैं, तो यह मुकाबला बिहार की राजनीति के इतिहास में सबसे चर्चित चुनावी जंग में से एक हो सकता है।

Keywords: Jan Suraj Party, Model Code Of Conduct Violation

What do you think?

- Advertisement -