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महिला आरक्षण और परिसीमन पर मचा सियासी बवाल, संसद में गरमाई बहस; क्या विपक्ष को साध पाएगी सरकार?

भारत
political storm over womens reservation and delimitation heated debate in parliament will the government be able to win over the opposition

Photo Credit: X

Nari Shakti Vandan Adhiniyam: 13 दिनों के अंतराल के बाद संसद का सत्र आज से दोबारा शुरू हो रहा है, जो तीन दिन चलेगा और खास उद्देश्य के लिए बुलाया गया है। इस सत्र में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने और इसके लिए सीटों की संख्या बढ़ाने से जुड़े तीन विधेयकों को पास कराने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि विपक्ष ने इन सभी बिलों का विरोध करने का फैसला लिया है। विपक्ष का कहना है कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन के जरिए सीटों की संख्या बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

850 सीटों और परिसीमन फॉर्मूले पर विपक्ष का विरोध

महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर विपक्ष ने दो प्रमुख मुद्दों पर आपत्ति जताई है। पहला, संविधान संशोधन में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव शामिल है। दूसरा, इस बढ़ोतरी और परिसीमन के लिए किसी स्पष्ट फॉर्मूले का उल्लेख नहीं किया गया है। परिसीमन बिल के सेक्शन 8 में केवल इतना कहा गया है कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन आयोग सीटों का बंटवारा और क्षेत्रों का निर्धारण करेगा, लेकिन सीटें कितनी और किस आधार पर बढ़ेंगी, यह स्पष्ट नहीं किया गया है।

2011 की जनगणना को लेकर दक्षिणी राज्यों में चिंता

विपक्ष इस बिल का विरोध करते हुए कह रहा है कि अगर 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण हुआ तो तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक जैसे दक्षिणी राज्यों को नुकसान हो सकता है। उनका तर्क है कि इन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर काम किया है और वृद्धि दर को काफी हद तक कम किया है, इसलिए सीटों के बंटवारे में उनके साथ अन्याय होने की आशंका है।

दो-तिहाई बहुमत की चुनौती से जूझ रहा है बिल

विपक्ष के विरोध के चलते सीटों की संख्या बढ़ाने वाला संविधान संशोधन बिल पास कराना सरकार के लिए मुश्किल हो सकता है। नियमों के अनुसार ऐसे बिल को दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से पारित करना जरूरी होता है, लेकिन मौजूदा स्थिति में सरकार के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं दिख रहा है।

सरकार विपक्ष को साधने के लिए बदलाव या आश्वासन दे सकती है

सूत्रों के मुताबिक सरकार संसद में बहस के दौरान विपक्ष को मनाने के लिए बड़ा आश्वासन दे सकती है या बिल के कुछ प्रावधानों में संशोधन कर सकती है। इसमें यह भी संभावना जताई जा रही है कि सरकार स्पष्ट कर सकती है कि 2011 की जनगणना के आधार पर सिर्फ लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाएं तय होंगी, न कि सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

सीटों में 50% बढ़ोतरी के प्रस्ताव से नया विवाद

सूत्रों के अनुसार सरकार एक और विकल्प पर विचार कर सकती है, जिसमें हर राज्य में लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या को लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का आश्वासन दिया जा सकता है। इससे सीटों के बंटवारे में 2011 की जनगणना की भूमिका कम हो जाएगी और राज्यों में आनुपातिक आधार पर सीटें बढ़ाई जा सकेंगी। इससे पहले भी ऐसी चर्चा रही थी कि सरकार सभी राज्यों में सीटें बढ़ाकर बाद में परिसीमन के जरिए उनकी सीमाएं तय कर सकती है।

Keywords: Women Reservation Bill, Delimitation Controversy India, Parliamentary Women Quota Amendment Bill

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