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मोदी सरकार नया रोजगार कानून लाएगी, MGNREGA की जगह लेगा ‘जी राम जी’

भारत
modi government new employment law to replace mgnrega with g ram g scheme

Photo Credit: Grok (AI)

केंद्र सरकार संसद में मनरेगा (MGNREGA) को समाप्त करने के लिए एक नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। इस नए प्रस्तावित विधेयक का नाम “विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), 2025” यानी VB–G-RAM-G विधेयक रखा गया है। इस विधेयक के जरिए मौजूदा मनरेगा कानून को पूरी तरह समाप्त कर ग्रामीण इलाकों के लिए रोजगार और आजीविका से जुड़ा एक नया ढांचा लागू करने की योजना है। सरकार का कहना है कि यह नया कानून पहले से ज्यादा सरल, प्रभावी और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने वाला होगा।

प्रियंका गांधी ने कही ये बात

कांग्रेस नेता और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने MGNREGA का नाम बदले जाने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “वे महात्मा गांधी का नाम क्यों हटा रहे हैं? वे इस देश, इसके इतिहास और दुनिया के सबसे बड़े नेताओं में गिने जाते हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि इसके पीछे सरकार की मंशा क्या है। सदन चल नहीं रहा है, असली मुद्दों पर चर्चा नहीं हो रही। समय बर्बाद हो रहा है और देश के संसाधन, जिनका इस्तेमाल सदन चलाने के लिए होता है, वे भी व्यर्थ जा रहे हैं। हम किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं कर पा रहे हैं। वे खुद ही बाधा डाल रहे हैं।”

सूत्रों के मुताबिक नए विधेयक की प्रमुख बातें

  • नए विधेयक का उद्देश्य ग्रामीण भारत को वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप आगे बढ़ाना है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों के हर परिवार को रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान होगा।
  • जिन परिवारों के वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए तैयार होंगे, उन्हें हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों का रोजगार दिया जाएगा।
  • रोजगार की यह व्यवस्था कानूनी (वैधानिक) गारंटी के तहत होगी।
  • विधेयक में ग्रामीण सशक्तिकरण और समग्र विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।
  • विभिन्न सरकारी योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय और संतृप्ति सुनिश्चित की जाएगी।
  • लक्ष्य समृद्ध, आत्मनिर्भर और मजबूत ग्रामीण भारत का निर्माण करना है।

कब शुरू हुआ था मनरेगा

गौरतलब है कि साल 2005 में यूपीए सरकार ने मनरेगा को लागू किया था। इसके बाद 2 अक्टूबर 2009 को इसका नाम बदलकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम रखा गया। इस कानून का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को हर साल 100 दिनों के रोजगार का कानूनी अधिकार देना था, यानी मांग करने पर सरकार के लिए रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य था।

मनरेगा का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण गरीबी को कम करना और लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना रहा है। वहीं अब केंद्र सरकार के इस नए प्रस्ताव को लेकर विपक्षी दल सामने आ गए हैं और इसका विरोध जताने लगे हैं।

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