सोमवार को विशाखापत्तनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के स्टील प्लांट में एक गंभीर औद्योगिक दुर्घटना हो गई। प्लांट के एक यूनिट में अचानक पिघला हुआ लोहा रिसने लगा, जिसकी चपेट में आने से कई श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
पीड़ित परिवारों के लिए सहायता का ऐलान
विशाखापत्तनम स्टील प्लांट हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतक श्रमिकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। प्रशासन को प्रभावित लोगों तक हरसंभव मदद पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
1600 डिग्री की गर्मी बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दुर्घटना के समय क्रेन के जरिए अत्यधिक गर्म पिघले लोहे को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाया जा रहा था। इसी दौरान तकनीकी गड़बड़ी के कारण लोहा नीचे काम कर रहे श्रमिकों पर गिर गया। अधिकारियों के मुताबिक पिघले धातु का तापमान करीब 1600 डिग्री सेल्सियस था, जिससे हादसा बेहद घातक साबित हुआ। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।
हादसे पर सीएम ने जताया शोक
विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुई दुर्घटना पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस हादसे में श्रमिकों की मौत बेहद दुखद है और सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि घायलों को जल्द से जल्द सहायता मिल सके।
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