देश के स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम तेजस एमके-1ए से जुड़ी आपूर्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस संबंध में Hindustan Aeronautics Limited ने हैदराबाद स्थित Tek Aero Devices के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए कुछ स्पेयर पार्ट्स से संबंधित परीक्षण दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई गई। आंतरिक गुणवत्ता जांच के दौरान मामला उजागर होने के बाद HAL ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया और पूरे प्रकरण की जांच के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
शिकायत में बताया गया है कि Hindustan Aeronautics Limited ने मार्च 2022 से Tek Aero Devices को तेजस एमके-1ए परियोजना के लिए कई पुर्जों की आपूर्ति का जिम्मा सौंपा था। निर्धारित प्रक्रिया के तहत कंपनी ने परीक्षण रिपोर्ट, नमूने और अन्य तकनीकी दस्तावेज जमा किए थे, जिनकी समीक्षा के बाद HAL ने विभिन्न श्रेणियों के कई पुर्जों के निर्माण और आपूर्ति के लिए आवश्यक मंजूरी प्रदान की थी। बाद में गुणवत्ता जांच के दौरान दस्तावेजों और परीक्षण प्रक्रियाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया, जिसके बाद पूरे प्रकरण की जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आई रिपोर्टों की गड़बड़ी
HAL की जांच के दौरान कंपनी से विभिन्न तकनीकी परीक्षणों से जुड़ी मूल रिपोर्टें मांगी गई थीं, जिनमें गुणवत्ता और मजबूती से संबंधित कई अहम टेस्ट शामिल थे। आरोप है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद कंपनी आवश्यक मूल दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी। मामले की गंभीरता बढ़ने पर कंपनी के प्रतिनिधियों ने HAL अधिकारियों से मुलाकात की और लिखित रूप से कुछ दस्तावेजों में त्रुटियां होने की बात स्वीकार की। इसके बाद पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच शुरू की गई और मामले को कानूनी कार्रवाई के लिए आगे बढ़ाया गया।
ऑडिट में सामने आई कथित फर्जी रिपोर्टों की परतें
दस्तावेजों पर संदेह होने के बाद HAL ने संबंधित परीक्षण रिपोर्टों की गहन जांच कराई। इसके तहत हैदराबाद स्थित Axis Inspection Solutions में ऑडिट किया गया, जहां जांच के दौरान दावा किया गया कि कंपनी के नाम से प्रस्तुत की गई कई रिपोर्टें उसके रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं थीं। जांच में यह भी आरोप सामने आया कि परीक्षण प्रमाणपत्रों और हस्ताक्षरों का कथित रूप से गलत इस्तेमाल किया गया। ऑडिट के निष्कर्षों के आधार पर HAL ने मामले को गंभीर मानते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
कंपनी पर कार्रवाई, कारोबार पर लगी रोक
जांच में सामने आई कथित अनियमितताओं के बाद Tek Aero Devices के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। HAL ने कंपनी को निर्धारित अवधि तक अपने साथ किसी भी नए कारोबारी लेन-देन से बाहर कर दिया। इसके साथ ही कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। जांच से जुड़े दस्तावेजों और बाहरी एजेंसी की रिपोर्टों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। HAL का कहना है कि रक्षा परियोजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
माफी की अपील के बाद बढ़ी कानूनी कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद Tek Aero Devices ने HAL से नरमी बरतने और अपनी गलती पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था। हालांकि जांच में सामने आए तथ्यों को देखते हुए HAL ने कंपनी को मंजूरशुदा सप्लायरों की सूची से हटा दिया। इसके बाद कई स्तरों पर समीक्षा और आंतरिक विचार-विमर्श हुआ, जिसके बाद संबंधित कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया। HAL का आरोप है कि परियोजना से जुड़े दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिकायत दर्ज कराई गई।
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