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Bangladesh Crisis: ‘चुनाव रद्द करने के लिए हत्या की’, उस्मान हादी के भाई ने यूनूस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

दुनिया भारत
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बांग्लादेश की राजनीति फिर एक गहरे संकट में उलझ गई है। 32 साल के युवा नेता, कवि और इंक़िलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की हत्या ने पूरे देश में गुस्सा भड़का दिया । 12 दिसंबर को ढाका में एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान उन्हें गोली मार दी गई। हालत गंभीर थी, इलाज के लिए सिंगापुर भी ले जाया गया, लेकिन छह दिन तक अस्पताल में जिंदगी से लड़ने के बाद 18 दिसंबर को हादी चल बसे। उनकी मौत के बाद ढाका समेत कई बड़े शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए, नारेबाजी हुई, कई जगह झड़पें भी हो गईं। हादी को फरवरी में होने वाले संसदीय चुनावों के लिए एक नई राजनीतिक आवाज माना जा रहा था।

“चुनाव रद्द करने की साजिश में मारा गया मेरा भाई”

हादी के भाई उमर हादी ने सरकार और राजनीतिक नेतृत्व पर सीधे-सीधे गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ये हत्या अंतरिम सरकार, खासकर मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार की साजिश है, ताकि चुनाव रद्द करने का बहाना मिल सके। उमर हादी बोले, “अगर सरकार न्याय नहीं दे सकती, तो उसे सत्ता में रहने का हक नहीं है। अगर मेरे भाई को इंसाफ नहीं मिला, तो आपको ये देश छोड़ना पड़ेगा।” उनका साफ आरोप है कि सत्ता में बैठे लोग खुद इस हत्या के लिए जिम्मेदार हैं और अब इसी का इस्तेमाल देश में अस्थिरता फैलाने के लिए हो रहा है।

“हादी का खून बेकार नहीं जाएगा”

शरीफ उस्मान हादी का अंतिम संस्कार भारी पुलिस सुरक्षा के बीच हुआ। हजारों लोग शामिल हुए, हर जगह बस एक ही आवाज़, “हादी का खून बेकार नहीं जाएगा।” जुलाई 2024 के जनआंदोलन में हादी सबसे आगे थे। उसी आंदोलन ने शेख हसीना को सत्ता से बाहर करने में बड़ी भूमिका निभाई थी। लोग उन्हें एक निडर, सीधी बात कहने वाले और युवा पीढ़ी की आवाज़ मानते हैं। उनके साथी और समर्थक कहते हैं, “हादी ने कभी समझौता नहीं किया, कभी अन्याय के सामने नहीं झुके।”

लोकतंत्र पर उठ रहा सवाल

अब उमर हादी सिर्फ अपने भाई के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए इंसाफ और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। ये लड़ाई अब एक परिवार तक सीमित नहीं रही बल्कि ये लोकतंत्र, निष्पक्ष चुनाव और पारदर्शिता की जंग बन चुकी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर सरकार इस मामले की ईमानदारी से जांच नहीं करती और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तो बांग्लादेश में हालात और बिगड़ेंगे। शरीफ उस्मान हादी की मौत ने देश में होने वाले चुनाव की निष्पक्षता और राजनीतिक भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

Keywords: Sharif Osman Hadi, Muhammad Yunus Government, Bangladesh Protests, Youth Leader Assassination, Bangladesh Elections

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