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Bihar Election 2025: बीजेपी से चुनाव लड़ सकती है मैथिली ठाकुर? नित्यानंद राय और विनोद तावड़े से मुलाकात के बाद अटकलें तेज

बिहार भारत
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Photo Credit - X

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में एक नई और रोचक खबर सामने आई है। प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर राजनीति में कदम रखने की संभावनाओं को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय से हाल ही में मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद कई राजनीतिक विश्लेषक और मीडिया मंच यह अनुमान लगा रहे हैं कि मैथिली दरभंगा की किसी सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर उत्साह और चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

विनोद तावड़े ने 5 अक्टूबर को अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर मैथिली ठाकुर के साथ ली गई तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने मैथिली ठाकुर से आग्रह किया है कि वे बिहार के विकास और जनता की सेवा में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता उनके योगदान की अपेक्षा करती है। तावड़े ने मैथिली को “बिहार की बिटिया” कहकर शुभकामनाएं भी दीं।

https://twitter.com/TawdeVinod/status/1974820035240611943

संगीत की दुनिया से मिली पहचान

मैथिली ठाकुर एक ऐसी गायिका हैं, जिन्होंने अपने संगीत कौशल से न केवल भारत बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान बनाई है। 25 जुलाई 2000 को मधुबनी जिले के बेनीपट्टी में जन्मीं मैथिली बचपन से ही संगीत में रूचि रखती थीं। उनके पिता रमेश ठाकुर एक संगीत शिक्षक हैं और मां भारती ठाकुर गृहिणी हैं। उनके दो छोटे भाई, ऋषभ और अयाची भी संगीत में उनके साथ जुड़े हुए हैं और परफॉर्म करते हैं। मैथिली ने अपने करियर की शुरुआत टीवी रियलिटी शो से की थी। उन्होंने जी टीवी के ‘लिटिल चैंप्स’ और 2017 के ‘राइजिंग स्टार’ जैसे कई लोकप्रिय शो में हिस्सा लिया। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर उनकी अच्छी खासी फैन फॉलोइंग भी है, जो उन्हें युवा और जनप्रिय उम्मीदवार के रूप में राजनीतिक क्षेत्र में मजबूत बना सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी से मिल चुका है ये पुरस्कार

मैथिली ठाकुर को उनके संगीत योगदान के लिए कई पुरस्कार मिल चुके हैं। 2021 में उन्हें संगीत नाटक अकादमी का उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार मिला। इसके अलावा, उन्हें लोकमत सुर ज्योत्सना नेशनल म्यूजिक अवॉर्ड से नवाजा गया और 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नेशनल क्रिएटर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उनकी पहचान न केवल प्रतिभाशाली गायिका के रूप में है, बल्कि उनकी विनम्रता और सादगी भी लोगों को आकर्षित करती है। मैथिली पारंपरिक और लोकगीतों में दक्ष हैं, लेकिन उन्होंने बॉलीवुड और व्यावसायिक संगीत से दूरी बनाकर रखी है, जिससे उनकी शुद्धता और विशिष्टता बनी रही। अगर वह चुनाव में उतरती हैं, तो उनकी लोकप्रियता भाजपा के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।

राजनीति में संभावित योगदान

मैथिली ठाकुर के चुनावी क्षेत्र में उतरने की संभावना सिर्फ राजनीतिक रणनीति तक सीमित नहीं है। उनके पास युवा और ग्रामीण दोनों वर्गों में लोकप्रियता का लाभ है। दरभंगा और आसपास के क्षेत्रों में उनका लोकगीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से मजबूत कनेक्शन रहा है। इससे यह उम्मीद की जा रही है कि चुनावी मोर्चे पर वह पार्टी के लिए बड़ी ताकत साबित हो सकती हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगीत और संस्कृति से जुड़ी पहचान रखने वाले उम्मीदवार जनता के बीच आसानी से अपनापन और भरोसा पैदा कर सकते हैं। मैथिली ठाकुर की छवि इस दृष्टि से बिल्कुल उपयुक्त बैठती है। उनके आने वाले कदम से बिहार विधानसभा चुनाव का स्वरूप और अधिक रोचक और उत्साहित करने वाला बन सकता है।

Keywords: Maithili Thakur, Bihar Assembly Elections 2025, Indian Folk Singer, Vinod Tawde, Nityanand Rai, Popular Indian Singer

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