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वडोदरा जमीन मामले में यूसुफ पठान को हाई कोर्ट ने दिया बड़ा झटका, कब्जे वाले जमीन को बताया अतिक्रमण! अब बुलडोजर एक्शन ?

गुजरात
High Court gives a big blow to Yusuf Pathan in Vadodara land case calls the occupied land as encroachment

Photo Credit - Social Media

भारत के वर्ल्ड कप विजेता टीम में शामिल शानदार ऑल राउंडर यूसुफ पठान इन दोनों मुश्किलों में घिरते जा रहे हैं। वडोदरा के जमीन को लेकर गुजरात हाई कोर्ट ने पठान को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज करते हुए साफ तौर पर यह कहा है कि जिस जमीन पर पठान ने कब्जा किया है वह उनका नहीं है, बल्कि यह नगर निगम की संपत्ति है।

यूसुफ पठान इन दिनों मुश्किलों में हैं. गुजरात हाईकोर्ट ने पठान की याचिका को खारिज कर उन्हें बहुत बड़ा झटका दिया है। टीम इंडिया के इस पूर्व ऑल्राउंडर ने कोर्ट में एक याचिका दायर की थी जिसपर कोर्ट ने सुनवाई की। कोर्ट का साफ तौर पर कहना है कि जिस जमीन पर पठान ने कब्जा किया है वह उनका नहीं है, बल्कि वह नगर निगम की संपत्ति है।

हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद यूसुफ पठान को अब वह जमीन खाली करनी होगी। कोर्ट में वडोदरा नगर निगम को जमीन खाली कराने का आदेश दे दिया है। दरअसल यूसुफ पठान ने 2012 में अस्तबल बनाने के लिए वडोदरा नगर निगम से उस जमीन की मांग की थी। वडोदरा नगर निगम ने भी उस प्लॉट का 57,270 रुपये प्रति वर्ग मीटर का रेट तय करते हुए नीलामी के माध्यम से उसे बेचने का प्रस्ताव पारित किया था। 2024 में जब पठान पश्चिम बंगाल के बहरामपुर से सांसद चुने गए, तब वडोदरा नगर निगम के एक पार्षद ने इसे लेकर आपत्ति जाहिर की जिस पर नगर निगम द्वारा जमीन खाली करने का नोटिस पठान को दिया गया। नगर निगम के इस नोटिस को लेकर वडोदरा के तंदलला इलाके के रहने वाले यूसुफ पठान ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

अब हाई कोर्ट ने भी उस जमीन को नगर निगम का बताते हुए पठान की याचिका को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही उन्हें अब यह जमीन खाली करनी होगी। यदि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंड यूसुफ पठान जमीन नहीं खाली करते हैं तो बुलडोजर एक्शन भी हो सकता है।

न्यायमूर्ति मौना भट्ट ने पठान की याचिका खारिज खारिज कर उन्हें बड़ा झटका दिया है। हालांकि पठान बाजार मूल्य पर इस प्लॉट की खरीदारी की इच्छा जाहिर की, लेकिन नगर निगम ने इसका विरोध किया। अदालत के वेबसाइट पर अपलोड किए गए आदेश के मुताबिक याचिकाकर्ता को विचाराधीन भूखंड पर कब्जा करने का कोई अधिकार नहीं था। साथ ही साथ यह भी कहा गया है कि याचिकाकर्ता द्वारा विचाराधीन भूमि पर कब्जा करना अनुचित होगा,यह कार्रवाई चारदीवारी बनाकर अतिक्रमण के समान है।

बताते चलें कि यूसुफ पठान वर्तमान में टीएमएसी के सांसद हैं। वे भारतीय क्रिकेट टीम के शानदार ऑलराउंडर खेलाड़ी रहे हैं। वे 2007 के टी 20 वर्ल्ड कप और 2011 में वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के महत्वपूर्ण सदस्य रहे हैं।

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