दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार बम विस्फोट मामले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। बम ब्लास्ट को अंजाम देने वाले आतंकी हमलावर डॉ. उमर उन-नबी का एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में आतंकी कैमरे पर अपने नापाक मंसूबों को कबूल कर रहा है। वीडियो में वह कह रहा है कि ‘सुसाइड बॉम्बिंग’ को गलत समझा जाता है, जबकि उसके जहरीले दिमाग के मुताबिक यह गलत नहीं बल्कि इस्लाम में इसे ‘ऑपरेशन शाहदत’ कहा जाता है—जिसके खिलाफ कई दलीलें दी गई हैं। वीडियो में वह इस हमले को आतंकी वारदात नहीं बल्कि ‘शहादत’ बता रहा है। राजधानी दिल्ली में हुए इस आत्मघाती हमले में 15 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 20 लोग घायल हुए थे।
डॉ. उमर उन-नबी का यह वीडियो देखने के बाद उसकी मानसिकता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। अपनी रिकॉर्डिंग में ‘शहादत’ को समझाते हुए वह कहता है कि कोई इंसान यह मान ले कि उसकी मौत एक तय समय और जगह पर होगी, तो यह अल्लाह के हुक्म के खिलाफ नहीं है कि वह कैसे और कहाँ मरेगा। वह अपनी बातों को तर्क के आधार पर समझाने की कोशिश करता दिख रहा है, जिससे साफ़ है कि उमर उन-नबी ने फिदायीन हमले को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया।
ब्लास्ट में हो रहे हैं कई खुलासे
दिल्ली में फिदायीन हमले के बाद जांच NIA को सौंप दी गई, जिसके बाद से लगातार कई अहम खुलासे हो रहे हैं। उसके साथ वह सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं, जिनमें उमर ब्लास्ट से पहले दिखाई देता है। इसके बाद से ही उस पर शक गहरा गया था, लेकिन लाल किला के पास हुए धमाके में उसकी मौत हो गई, क्योंकि i20 कार जिसमें ब्लास्ट हुआ, वही कार उमर चला रहा था। इस केस का लिंक फरीदाबाद में बरामद 3500 किलो विस्फोटक से जुड़ा, जिसके बाद जांच और तेज़ कर दी गई।
उमर को शायद इस बात का डर था कि उसकी ‘व्हाइट कॉलर’ पहचान का भंडाफोड़ होने वाला है और वह जल्द ही सलाखों के पीछे पहुंच सकता है। इसी बौखलाहट में उमर उन-नबी ने फिदायीन हमले को अंजाम दिया। आतंकी डॉ. उमर मूल रूप से पुलवामा के कोइल गांव का रहने वाला था।
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