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पाकिस्तान में 23 वर्ष के हिंदू युवक की गोली मारकर की हत्या, लोगों ने ‘जय श्री राम’ नारे के साथ किया प्रदर्शन; आरोपी जमींदार गिरफ्तार

क्राइम दुनिया भारत
23 year old hindu youth shot dead in pakistan protesters slogans of jai shri ram accused landlord arrested

बादिन: पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बादिन जिले के तलहार गांव में 23 साल के हिंदू किसान कैलाश कोहली की हत्या ने एक बार फिर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को कटघरे में खड़ा कर दिया। इल्ज़ाम ये है कि उसी इलाके के जमींदार सरफराज निजामानी ने कैलाश को गोली मार दी, सिर्फ इसलिए क्योंकि कैलाश अपने परिवार के लिए जमींदार की जमीन पर एक अस्थायी झोपड़ी बनाना चाहता था। जमींदार ने इसका विरोध किया, बात बढ़ी, 4 जनवरी को झगड़ा हिंसक हो गया, और आखिरकार कैलाश को गोली मार दी गई। उसे अस्पताल ले गए, लेकिन हालत बेहद खराब थी। इलाज के दौरान उसकी जान चली गई।

हत्या के बाद हिंदू समुदाय का गुस्सा फूटा

जैसे ही ये खबर फैली, इलाके के हिंदू समुदाय में गुस्सा उबल पड़ा। लोगों ने इसे एक अकेला मामला नहीं, बल्कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार बढ़ती हिंसा का इशारा बताया। जिले भर में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए, शांतिपूर्ण प्रदर्शन और धरने हुए। सबकी मांग एक ही थी, आरोपी तुरंत पकड़ा जाए और मामले की निष्पक्ष जांच हो। कई दिन तक चले विरोध के चलते इलाके में तनाव बना रहा। कैलाश के परिवार का कहना था, अगर लोग आवाज़ न उठाते तो शायद आरोपी कभी पकड़ा ही नहीं जाता।

https://twitter.com/MrSinha_/status/2009840208175587447

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

जैसे-जैसे विरोध बढ़ता गया, मीडिया और सामाजिक संगठनों ने भी दबाव बनाया। तब जाकर पुलिस ने रफ्तार पकड़ी। SSP बादिन कमर रजा जस्कानी के मुताबिक, आरोपी सरफराज निजामानी और उसके साथी जफरुल्लाह खान को शनिवार रात हैदराबाद के फतेह चौक से गिरफ्तार किया गया। जस्कानी ने बताया, हत्या के बाद दोनों फरार थे, इसलिए पुलिस की एक खास टीम बनाई गई थी। कैलाश के भाई पून कुमार कोहली की शिकायत पर FIR दर्ज हुई, फिर जांच आगे बढ़ी। पुलिस ने वादा किया है कि मामले में कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी।

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर उठे सवाल

सिंध में हिंदू अल्पसंख्यकों के लिए काम करने वाले वेलफेयर ट्रस्ट के प्रमुख शिव काची ने भी साफ कहा, अगर लोग सड़कों पर न उतरते तो ये गिरफ्तारी शायद ही होती। उनका कहना है, शांतिपूर्ण विरोध ने प्रशासन को मजबूर किया कि वो कुछ करे। विरोध तब ही थमा, जब IG पुलिस सिंध जावेद अख्तर ओधो ने खुद पीड़ित के पिता को फोन कर गिरफ्तारी की खबर दी। काची को उम्मीद है, अब निष्पक्ष सुनवाई होगी, ताकि हिंदू समुदाय का भरोसा कानून पर बना रहे। ये घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है। ये पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, जमीन के अधिकार, और न्याय व्यवस्था इन सब पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

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