गाजा में शांति का सपना सिर्फ तीन हफ़्ते ही चल पाया और अब इजरायल ने फिर से जोरदार हवाई हमले कर दिए हैं, जिससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कोशिश से बनी डील खतरे में पड़ गई है। मंगलवार देर रात से बुधवार सुबह तक चले इन हमलों में कम से कम 26 लोग मारे गए, और पूरे एरिया में फिर से डर का माहौल बन गया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमास ने सीजफायर तोड़ा है और उन्होंने अपनी आर्मी को तुरंत जवाब देने का ऑर्डर दिया। उनका कहना है कि हमास को अपनी हरकतों की बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। यह सारा झगड़ा असल में बंधकों के शवों को बदलने की बात से शुरू हुआ जो अब बड़ी हिंसा में बदल गया, जिसमें गाजा के घरों और टेंट पर बम गिरे।
बंधकों के शवों को लेकर हमास पर धोखा देने का आरोप
इजरायल का कहना है कि हमास ने बंधकों के शव लौटाने के नाम पर धोखा किया। इजरायली अफसरों ने बताया कि एक बंधक के शव के कुछ टुकड़े तो इजरायली फौज ने दो साल पहले ही ढूँढ लिए थे। नेतन्याहू ने साफ साफ कहा कि हमास ने जानबूझकर गलत बॉडी पार्ट्स दिए हैं, जो सीजफायर तोड़ने जैसा है। ड्रोन वीडियो में यह भी दिखाया गया कि हमास वाले जमीन खोदकर एक थैली दबा रहे थे ताकि रेड क्रॉस को मिले। हमास ने इन आरोपों को झूठा बताया और कहा कि इजरायल ही अपने हमलों से खोजबीन रोक रहा है, जिस वजह से उन्हें एक और बंधक का शव सौंपने का काम टालना पड़ा।
रफाह शहर में फायरिंग से भड़का पूरा मामला
यह सारा विवाद रफाह शहर में शुरू हुआ, जहाँ हमास ने इजरायली सैनिकों पर हमला किया। यह हमला उस एरिया में हुआ जो इजरायल के कंट्रोल में है और येलो लाइन के पार से फायरिंग की गई। इजरायल ने बोला कि हमास ने डील के नियम तोड़े हैं, और इसके जवाब में गाजा के अलग अलग हिस्सों पर बम गिराए गए। बुरैज कैंप में एक घर में पाँच लोग मारे गए और गाजा सिटी के सबरा इलाके में चार जिंदगियाँ खत्म हो गईं, वहीं खान यूनिस में एक कार पर हमला हुआ जिसमें पाँच लोग मर गए। लोकल हेल्थ डिपार्टमेंट के लोग सुबह तक लाशें निकालते रहे, जिससे साफ होता है कि हिंसा फिर से कितनी बढ़ गई है।
ट्रंप बोले अभी भी सीजफायर जारी है
इस टेंशन के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दक्षिण कोरिया जाते समय कहा कि सीजफायर अभी भी जारी है और इजरायल को अपने ऊपर हुए हमले का जवाब देना ही चाहिए। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी यही बात कही कि छोटी मोटी झड़पें होती रहेंगी लेकिन शांति की डील अभी भी मजबूत है। ट्रंप इस समझौते को अपनी बड़ी डिप्लोमेटिक जीत मान रहे थे, जिसने दो साल की जंग को रोका था। गाजा के हेल्थ डिपार्टमेंट के मुताबिक अब तक कुल 68000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस सीजफायर में हमास ने जिंदा बंधकों को छोड़ा था और इजरायल ने 2000 कैदी रिहा किए थे। हमास ने इन हमलों को सीजफायर का साफ उल्लंघन कहा और इल्जाम लगाया कि इजरायल गरीब लोगों को निशाना बना रहा है, जिस पर इजरायल ने जवाब दिया कि हमास को अब इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
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