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तुर्की में शांति की बात के बीच फिर गूंजी गोलियों की आवाज, अफगानिस्तान पाकिस्तान सीमा पर दहशत का माहौल

दुनिया
amidst peace talks in turkey the sound of bullets echoed again a climate of fear on the afghanistan pakistan border

Photo Credit - X

अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर गुरुवार को एक बार फिर गोलीबारी हुई, जिसने लोगों में दहशत पैदा कर दी है। यह घटना कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक इलाके में हुई, जब तुर्की के शहर इस्तांबुल में दोनों देशों के बीच तीसरी जरूरी बैठक चल रही थी, जिसका मकसद सीमा पर शांति कायम करना था। अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि इस हमले में दुखद रूप से पाँच लोग मारे गए, जिनमें चार महिलाएँ और एक पुरुष शामिल हैं, और छह लोग बुरी तरह से घायल हो गए। इस गोलीबारी ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच बढ़ते तनाव को एक बार फिर सबके सामने ला दिया है और दोनों ही देश हमेशा की तरह एक दूसरे पर पहले गोली चलाने का इल्जाम लगा रहे हैं।

गोलीबारी की शुरुआत किसने की, दोनों देशों के अलग-अलग बयान

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि पाकिस्तानी सेना ने पहले गोली चलाई। उन्होंने यह भी कहा कि अफगान सेना ने कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की, क्योंकि वे बातचीत का सम्मान करते हैं और आम लोगों को बचाना चाहते थे। दूसरी तरफ पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए साफ कहा कि गोली अफगान पक्ष ने पहले चलाई थी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी जवानों ने सिर्फ अपना बचाव किया था और अब गोलीबारी रुक गई है तथा इलाका शांत है। पाकिस्तान ने इस बात पर जोर दिया कि वे अभी भी शांतिपूर्ण बातचीत करना चाहते हैं।

आतंकी गुटों को लेकर पुराना झगड़ा फिर से गहराया

पाकिस्तान काफी सालों से यह कहता आया है कि अफगान तालिबान सरकार टीटीपी जैसे आतंकी गुटों को अपने यहाँ जगह देती है, जो पाकिस्तान में लगातार हमले करते हैं। वहीं तालिबान सरकार इन इल्जामों को पूरी तरह से गलत बताती है और इससे साफ इंकार करती है। दोनों तरफ के आम लोग इन झगड़ों से बहुत थक चुके हैं, लेकिन सीमा पर गोलीबारी अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। अक्टूबर में एक हफ्ते तक चली लड़ाई में पचास से ज्यादा आम नागरिक मारे गए थे और साढ़े चार सौ से अधिक लोग घायल हुए थे, साथ ही पाकिस्तानी सेना के तेईस जवान भी शहीद हो गए थे।

शांति वार्ता के बीच भी तनाव कम नहीं

इस्तांबुल की बैठक में दोनों देश सीमा पर शांति की आखिरी शर्तें तय कर रहे थे। पिछले हफ्ते भी बात अटक गई थी, जिसके बाद तुर्की ने मदद की कि दोनों मिलकर एक निगरानी टीम बनाएँ। इस टीम का काम यह देखना होगा कि कौन सा देश सीमा पर नियम तोड़ता है, मगर अभी तक इस पर पूरी तरह से सहमति नहीं बन पाई है। सीमा पर लगातार तनाव कम नहीं हो रहा है और हर एक गोली की आवाज बातचीत की प्रक्रिया को कमजोर कर रही है। आम लोग सबसे ज्यादा डर में जी रहे हैं, जिसकी वजह से बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो रहा है और कई दुकानें बंद हो गई हैं। फिलहाल गोलीबारी दस-पंद्रह मिनट तक चली और उसके बाद रुक गई। पूरी दुनिया देख रही है कि ये दोनों पड़ोसी कब एक दूसरे का हाथ थामेंगे और शांति लाएँगे।

Keywords: Afghanistan Pakistan Border Firing, Istanbul Peace Talks Failure, TTP Militant Activity, Kandahar Border Tension

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