भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या का स्वरूप अब तेजी से बदल रहा है। दीपोत्सव के नौवें संस्करण से पहले शहर को नई पहचान देने के लिए योगी सरकार ने भव्य परियोजनाओं की श्रृंखला शुरू की है। राम की पैड़ी, जो सदियों से श्रद्धा का प्रतीक रही है, अब आधुनिक आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। लगभग 350 मीटर लंबे क्षेत्र में बनी सीढ़ियां और 18 से 20 हजार श्रद्धालुओं के बैठने की क्षमता वाली विशाल दर्शक दीर्घा इसकी भव्यता को और बढ़ाती हैं। 2,324.55 लाख रुपये की लागत से विकसित इस स्थल पर भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की भव्य प्रतिमाओं वाला सेल्फी पॉइंट भक्तों के बीच नई पहचान बन चुका है। रंगीन लाइटिंग और साफ-सुथरी सुविधाओं से सुसज्जित राम की पैड़ी अब विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल का रूप ले रही है।
आने वाले वर्ष में और निखरेगी राम की पैड़ी की छटा
आर्थिक वर्ष 2024–25 के लिए स्वीकृत नई परियोजना के तहत राम की पैड़ी को और अधिक भव्य स्वरूप देने का कार्य आरंभ हो चुका है। 2,367.61 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस योजना में आठ छोटे एम्फीथिएटर, छह आकर्षक पत्थर की छतरियां, आठ भव्य दीपस्तंभ और सात मीटर ऊंचे पत्थर के स्तंभ शामिल हैं। यह सब न केवल वास्तुकला की दृष्टि से अनोखे होंगे बल्कि श्रद्धालुओं को आरामदायक बैठने और आध्यात्मिक माहौल का अनुभव भी कराएंगे। सुंदर लैंडस्केपिंग और आधुनिक लाइटिंग के साथ राम की पैड़ी पारंपरिक सौंदर्य और आधुनिक सुविधाओं का संगम बन जाएगी।
सरयू घाटों का कायाकल्प
सरयू नदी, जो अयोध्या की जीवनरेखा मानी जाती है, अब भव्य रूप में निखर रही है। 2,346.11 लाख रुपये की लागत से 2.5 किलोमीटर लंबे घाट क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत 32 पत्थर की छतरियां, 11 विशाल स्तंभ, चार पूजा मंच, दो गौ पूजन क्षेत्र, 15 दिशासूचक साइनबोर्ड और 60 व्याख्यात्मक दीवारें बनाई जा रही हैं। एक विशेष वीआईपी मंडप और अत्याधुनिक लाइटिंग सिस्टम के साथ सरयू घाटों की आभा और भी दिव्य हो जाएगी। सरयू आरती का दृश्य अब और भी मनमोहक और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगा, जिससे यह क्षेत्र श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बन जाएगा।
योगी आदित्यनाथ की दृष्टिकोण
यूपीपीसीएल परियोजना प्रबंधक मनोज शर्मा के अनुसार, अयोध्या में चल रही ये विकास योजनाएं केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में अयोध्या को विश्व स्तर पर एक धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जिलाधिकारी निखिल टिकरम का कहना है कि इन योजनाओं से न केवल अयोध्या की आध्यात्मिक गरिमा बढ़ी है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी नई ऊर्जा मिली है। अयोध्या आज अपने गौरवशाली इतिहास और आधुनिक विकास के संतुलन से विश्व मानचित्र पर एक नई पहचान बना रही है।
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