- Advertisement -
- Advertisement -

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय विश्व बॉक्सिंग चैंपियंस से की मुलाकात, महिला खिलाड़ियों को किया सम्मानित

स्पोर्ट्स भारत
president droupadi murmu meets world boxing champions honors them at rashtrapati bhavan

इंग्लैंड के लिवरपूल एरिना में पहली बार पुरुष और महिला बॉक्सिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन एक साथ हुआ, जो एक ऐतिहासिक घटना बनी। इस मंच पर भारत ने अब तक का अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। भारत ने चार पदक दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य जीते और कुल पदक तालिका में तीसरा स्थान हासिल किया। कज़ाख़स्तान ने सात स्वर्ण सहित 10 पदकों के साथ पहले स्थान पर जगह बनाई, जबकि उज़्बेकिस्तान ने 11 पदक जीतकर दूसरा स्थान पाया। भारतीय पुरुष टीम पदक नहीं जीत पाई, लेकिन महिला मुक्केबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया।

राष्ट्रपति ने की चैंपियंस से मुलाकात

अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद भारतीय महिला मुक्केबाज़ों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने असाधारण प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय सिंह ने भी टीम की सफलता पर गर्व जताया और विशेष रूप से मीनाक्षी और जैस्मिन की साहस और मेहनत की सराहना की। यह उपलब्धि भारतीय महिला मुक्केबाज़ी के विकास को दिखाती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

मीनाक्षी और जैस्मिन बनीं विश्व चैंपियन

भारतीय दल के लिए सबसे बड़ा गौरव लेकर आईं दो युवा मुक्केबाज़ मीनाक्षी हूडा (48 किग्रा) और जैस्मिन लम्बोरिया (57 किग्रा)। 24 वर्षीय मीनाक्षी ने अपने अनुभव और साहस का शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन बार की विश्व चैंपियन और पेरिस ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट नज़िम क्यज़ाइबाय को 4–1 से हराया। वहीं, जैस्मिन ने पोलैंड की ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट जूलिया शेरेमेटा को हराकर अपने करियर का पहला विश्व खिताब जीता। मार्शल आर्ट्स और कॉम्बैट स्पोर्ट्स की पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाली जैस्मिन ने इस जीत से अपनी मेहनत और जज़्बे की नई कहानी लिखी। इन दोनों के साथ भारत को गर्व है कि वे क्रमशः देश की 9वीं और 10वीं महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियन बनीं।

रजत और कांस्य से निखरी भारत की चमक

स्वर्ण पदक विजेताओं के अलावा, नूपुर श्योराण (80+ किग्रा) ने सिल्वर पदक जीतकर अपनी क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन किया। वहीं, अनुभवी मुक्केबाज़ पूजा रानी (80 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल कर भारत की पदक सूची को और मजबूत किया। दोनों ही खिलाड़ी नॉन-ओलंपिक वेट श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा कर रही थीं, लेकिन फिर भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया। हालांकि, दो बार की विश्व चैंपियन निकहत ज़रीन इस बार क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गईं, लेकिन भारतीय दल ने कुल मिलाकर शानदार खेल का प्रदर्शन किया।

Keywords: World Boxing Championships 2025, Meenakshi Hooda, Indian Women Boxing, Nupur Sheoran, Pooja Rani, Indian Womens World Boxing Champion

What do you think?

- Advertisement -