- Advertisement -
- Advertisement -

‘वर्किंग मदर्स का सम्मान जरूरी’, दीपिका की 8 घंटे वर्क शिफ्ट की मांग को मिला पाकिस्तानी एक्ट्रेस इक़रा अज़ीज़ का समर्थन

मूवीज़ बॉलीवुड सेलिब्रिटी न्यूज़
iqra aziz supports deepika padukone 8 hour workday demands respect for working mothers

Photo Credit - Social Media

बॉलीवुड सुपरस्टार दीपिका पादुकोण ने हाल ही में अपने इंटरव्यू में फिल्म इंडस्ट्री में 8 घंटे की शिफ्ट की मांग रखी थी। उनका कहना था कि किसी भी पेशे की तरह फिल्मी दुनिया में भी बैलेंस वर्क टाइम होना चाहिए, ताकि कलाकारों को पर्याप्त आराम और पर्सनल लाइफ के लिए समय मिल सके। खबरों के अनुसार, दीपिका उन प्रोजेक्ट्स से पीछे हट गईं जहां उनके इस अनुरोध को नहीं माना गया, जिनमें Kalki 2898 AD का सीक्वल और प्रभास अभिनीत ‘स्पिरिट’ जैसी बड़ी फिल्में शामिल थीं। उनकी इस सोच ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी, कोई इसे “अनुशासन का प्रतीक” बता रहा है, तो कुछ लोग इसे “अत्यधिक मांग” करार दे रहे हैं।

इक़रा अज़ीज़ ने किया समर्थन, कहा – बात 8 घंटे की नहीं, नजरिए की है

पाकिस्तानी अभिनेत्री इक़रा अज़ीज़, जिन्हें ‘सुनो चंदा’ जैसी सुपरहिट सीरीज़ से पहचान मिली, ने दीपिका के पक्ष में खुलकर बयान दिया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर दीपिका का इंटरव्यू क्लिप शेयर करते हुए लिखा – “मुद्दा 8 घंटे की शिफ्ट का नहीं, बल्कि उस सोच का है जो एक महिला की मांग को ‘डिमांडिंग’ कहकर खारिज कर देती है।” इक़रा के इस स्टेटमेंट ने सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रिया बटोरी। कई यूज़र्स ने उनके विचारों की सराहना करते हुए कहा कि यह वक्त है जब फिल्म इंडस्ट्री को अपने वर्क एनवायरनमेंट पर फिर से विचार करना चाहिए।

फिल्म इंडस्ट्री में मेन्टल हेल्थ और मदरहुड की चुनौती

मनोरंजन जगत अपनी चमक के पीछे एक कठोर कार्यसंस्कृति भी छिपाए बैठा है। लंबे शूटिंग घंटे, लगातार यात्राएं और निजी समय की कमी, खासकर महिला कलाकारों के लिए, मानसिक और शारीरिक थकान का कारण बनती हैं। दीपिका और इक़रा दोनों ही उन कलाकारों में हैं जो मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात करती रही हैं। इक़रा अज़ीज़ ने भी पहले इंटरव्यू में बताया था कि शूटिंग और परिवार के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा था कि “वर्किंग मदर्स को न सिर्फ अपने बच्चों बल्कि खुद के लिए भी सम्मान की जरूरत होती है।”

बदलती सोच की जरूरत

दीपिका पादुकोण की यह पहल और इक़रा अज़ीज़ का समर्थन इस बात का प्रतीक है कि अब कलाकार अपने अधिकारों और सीमाओं को लेकर सजग हो रहे हैं। दुनिया के कई देशों में पहले से ही फिल्म इंडस्ट्री में वर्क-लाइफ बैलेंस पर जोर दिया जा रहा है, और अब दक्षिण एशियाई सिनेमा में भी यह चर्चा तेज़ हो रही है।

Keywords: Iqra Aziz, 8-Hour Work Shift, Working Mothers, Film Industry Reforms, Mental Health

What do you think?

- Advertisement -