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करियर के शिखर पर इस सुपरस्टार ने सबकुछ छोड़ दिया, बेटे ने कहा- पिता संग स्क्रीन शेयर करना मुश्किल था

मूवीज़ बॉलीवुड सेलिब्रिटी न्यूज़
at the peak of his career this superstar gave up everything son said it was impossible to share the screen with his father

आज हम आपको ऐसे दिग्गज अभिनेता की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपने अभिनय से करोड़ों दर्शकों का दिल जीता, लेकिन जीवन के एक मोड़ पर उन्होंने सब कुछ छोड़कर सन्यास लेने का निर्णय कर लिया। इस अभिनेता ने न सिर्फ फिल्मों से दूरी बनाई बल्कि परिवार और शोहरत को भी पीछे छोड़ दिया था। हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड के मशहूर सुपरस्टार विनोद खन्ना की।

विनोद खन्ना का सुनहरा करियर

विनोद खन्ना का नाम हिंदी सिनेमा के उन सितारों में शुमार है जिन्होंने 70 और 80 के दशक में पर्दे पर अपनी अदाकारी से खास पहचान बनाई। उन्होंने 1969 में फिल्म मन का मीत से अपने करियर की शुरुआत की थी। धीरे-धीरे वे बॉलीवुड के टॉप हीरो की लिस्ट में शामिल हो गए और कई सुपरहिट फिल्में दीं। उनका व्यक्तित्व, संवाद अदायगी और स्क्रीन प्रेज़ेंस दर्शकों को बेहद पसंद आया।

शोहरत के शिखर पर सन्यास

जब विनोद खन्ना का करियर अपने चरम पर था, तभी उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया जिसने सभी को हैरान कर दिया। उन्होंने अचानक फिल्मों से दूरी बना ली और आध्यात्मिक राह पकड़ ली। वे ओशो रजनीश के अनुयायी बन गए और पुणे के ओशो आश्रम में रहने लगे। उन्होंने अभिनय, पारिवारिक जीवन से किनारा कर लिया।

परिवार पर पड़ा असर

विनोद खन्ना के इस फैसले से उनके परिवार को गहरा आघात पहुंचा। उनकी पत्नी गीतांजलि और बेटे राहुल व अक्षय खन्ना इस बदलाव से बेहद प्रभावित हुए। लंबे समय तक परिवार उनसे अलग रहा और आखिरकार साल 1985 में विनोद खन्ना और गीतांजलि का तलाक हो गया।

अक्षय ने क्यों नहीं किया पिता के साथ काम?

अक्षय खन्ना, जो खुद एक बेहतरीन अभिनेता हैं, ने कभी अपने पिता के साथ स्क्रीन शेयर नहीं की। एक इंटरव्यू में अक्षय ने इस बारे में कहा था “कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके साथ आप कैमरे के सामने खड़े नहीं हो सकते। मेरे पिता उन्हीं में से एक हैं। उनका स्क्रीन प्रेज़ेंस इतना प्रभावशाली था कि उनके साथ एक ही फ्रेम में रहना आसान नहीं था।”

मुंबई वापसी और दूसरी पारी

कई वर्षों तक ओशो आश्रम में रहने के बाद विनोद खन्ना ने मुंबई लौटकर दोबारा फिल्मों में कदम रखा। इस बार भी उन्होंने अपनी एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीत लिया। उन्होंने कविता दफ्तरी से दूसरी शादी की, और उनसे दो बच्चे साक्षी और श्रद्धा हुए।

अंतिम पड़ाव

विनोद खन्ना का जीवन उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन उन्होंने हमेशा अपनी शर्तों पर जिंदगी जी। साल 2017 में उनका निधन हो गया। आज भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्मों के किरदार और व्यक्तित्व आज भी दर्शकों के दिलों में जीवंत हैं।

बेटे अक्षय की यादें

विनोद खन्ना के जाने के बाद उनके बेटे अक्षय खन्ना ने कहा था “मैं उन्हें एक सुपरस्टार के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे इंसान के रूप में याद करता हूं जिन्होंने हमेशा जीवन अपने तरीके से जिया। उन्होंने कभी किसी के दबाव में आकर कोई फैसला नहीं लिया।” विनोद खन्ना की यह कहानी बताती है कि सच्चा कलाकार सिर्फ पर्दे पर नहीं, बल्कि जिंदगी के हर पहलू में अपनी पहचान छोड़ जाता है।

Keywords: Vinod Khanna, Akshaye Khanna, Osho Ashram, Bollywood Superstar

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