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पति से तलाक के बाद भी रचा इतिहास, बनीं भारत की पहली एक्ट्रेस , जानिए दुर्गाबाई कामत की अनसुनी कहानी

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भारतीय सिनेमा आज दुनिया भर में अपनी पहचान बना चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब फिल्मों की शुरुआत हुई थी, तब महिलाओं का परदे पर आना एक बहुत बड़ी बात मानी जाती थी? उस दौर में जब समाज में महिलाओं के लिए घर से बाहर निकलना ही मुश्किल था, तब एक महिला ने सारी बंदिशें तोड़ दीं और भारतीय सिनेमा में इतिहास रच दिया। उनका नाम था दुर्गाबाई कामत भारत की पहली फिल्म एक्ट्रेस।

जब पुरुष निभाते थे महिलाओं के किरदार

फिल्मों की शुरुआती दौर में किसी भी महिला को परदे पर आने की इजाजत नहीं थी। समाज में इसे अपमानजनक माना जाता था। उस वक्त हर महिला किरदार को पुरुष कलाकार ही निभाते थे। दादासाहेब फाल्के, जिन्हें भारतीय सिनेमा का जनक कहा जाता है, जब अपनी फिल्म राजा हरिश्चंद्र बना रहे थे, तो उन्हें लगा कि कहानी को जीवंत बनाने के लिए असली महिला कलाकार की जरूरत है। लेकिन उन्हें कोई भी महिला इस रोल के लिए तैयार नहीं हुई।

पहली बार तोड़ी परंपरा

दादासाहेब ने कई जगह कोशिश की, डांस करने वाली महिलाओं से लेकर थिएटर आर्टिस्ट तक से संपर्क किया, लेकिन हर बार उन्हें मना कर दिया गया। ऐसे में सामने आईं दुर्गाबाई कामत, जिन्होंने समाज के डर और आलोचनाओं को नजरअंदाज करते हुए फिल्म में काम करने के लिए हां कह दी। इस तरह दुर्गाबाई कामत बनीं भारतीय सिनेमा की पहली अभिनेत्री।

बेटी भी बनी पहली चाइल्ड आर्टिस्ट

दुर्गाबाई ने फिल्म में पार्वती का किरदार निभाया, जबकि उनकी 13 साल की बेटी कमलाबाई गोखले ने मोहिणी का रोल किया। इसी के साथ कमलाबाई भारतीय सिनेमा की पहली बाल कलाकार बनीं। इस फिल्म के बाद महिलाओं के लिए फिल्मों के दरवाजे खुल गए, और धीरे-धीरे कई अभिनेत्रियां बड़े पर्दे तक पहुंचीं।

निजी जीवन में भी दिखाया साहस

दुर्गाबाई कामत सिर्फ पर्दे पर ही नहीं, बल्कि अपनी निजी जिंदगी में भी बेहद साहसी थीं। उन्होंने उस समय शादी के बाद पति से तलाक लिया था, जब तलाक लेना किसी अपराध से कम नहीं माना जाता था। साल 1903 में पति से अलग होने के बाद उन्होंने अकेले अपने बच्चे की परवरिश की और समाज की परवाह किए बिना अपने सपनों को जिया।

इतिहास में दर्ज हुआ नाम

दुर्गाबाई कामत का नाम हमेशा भारतीय सिनेमा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने न केवल फिल्मों में महिलाओं के लिए रास्ता खोला, बल्कि यह साबित किया कि अगर हिम्मत और आत्मविश्वास हो, तो समाज की कोई भी बंदिश आपको रोक नहीं सकती। उनकी कहानी आज भी हर उस महिला के लिए प्रेरणा है जो परंपराओं की दीवारों को तोड़कर अपने सपनों को साकार करना चाहती है।

दुर्गाबाई कामत सिर्फ एक एक्ट्रेस नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की पहली क्रांति थीं।

Keywords: Durga Bai Kamat, First Indian Actress, Indian Cinema History

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