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रिकॉर्डतोड़ मतदान से गूंजे पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु, आजादी के बाद पहली बार वोटिंग ने रचा नया इतिहास

भारत
west bengal and tamil nadu echo with record breaking turnout voting creates history for the first time since independence

AI Generated

कोलकाता/चेन्नई: इस बार पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों में जबरदस्त मतदान हुआ, जिसने पुराने सभी आंकड़े पीछे छोड़ दिए। तमिलनाडु में करीब 85.13% वोट पड़े, जो पिछले चुनाव से लगभग 12% ज्यादा हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में पहले चरण की 152 सीटों पर करीब 92.57% मतदान दर्ज किया गया, जो पहले से करीब 10% अधिक है। इतनी बड़ी भागीदारी के साथ पहली बार किसी विधानसभा चुनाव में वोटिंग 90% के पार पहुंची, जिससे राजनीतिक दलों में जीत को लेकर हलचल और तेज हो गई।

रिकॉर्ड वोटिंग पर सियासत तेज

बंगाल में भारी मतदान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे बदलाव का संकेत बताते हुए कहा कि जनता का रुझान साफ है और बीजेपी के पक्ष में माहौल बन रहा है। उन्होंने चुनाव को शांतिपूर्ण बताते हुए इसे भरोसे की जीत करार दिया। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी जल्दी नतीजों का अंदाजा कैसे लगाया जा सकता है और प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए।

आरोप-प्रत्यारोप के बीच सियासी माहौल गरम

बंगाल में रिकॉर्ड मतदान के बाद नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। ममता बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ वोटिंग प्रतिशत के आधार पर जीत का दावा करना गलत है और इससे प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं चुनावी व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश न हो। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जनता बदलाव चाहती है और अधिक मतदान इसी का संकेत है। उन्होंने दावा किया कि इस बार राज्य में सत्ता परिवर्तन तय है।

रैलियों में बढ़ा सियासी टकराव

हुगली की सभा में अमित शाह ने भरोसा जताया कि राज्य में इस बार बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिलेगा। वहीं कोलकाता में ममता बनर्जी ने दावा किया कि भारी मतदान जनता के गुस्से को दिखाता है और इसका फायदा तृणमूल को मिलेगा। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि नतीजे आने पर तस्वीर साफ हो जाएगी और विपक्ष को बड़ा झटका लगेगा। ममता ने यह भी कहा कि लोगों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में वोट डाले हैं और आने वाले समय में केंद्र की नीतियों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

ज्यादा वोटिंग के पीछे अलग-अलग दावे

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि इस बार बंगाल में भारी मतदान सत्ता विरोधी माहौल और सुरक्षित चुनावी व्यवस्था का नतीजा हो सकता है। उनका मानना है कि लोगों में अपने अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ी, इसलिए वे बड़ी संख्या में वोट डालने पहुंचे। वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेता जेपी मजूमदार ने कहा कि राज्य में आमतौर पर अच्छी वोटिंग होती है, लेकिन इस बार मतदाताओं की संख्या में बदलाव के कारण प्रतिशत और बढ़ा दिख रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि ममता बनर्जी को पहले से भी बड़ा जनसमर्थन मिलेगा।

शांत मतदान के बीच आरोपों की सियासत

बंगाल चुनाव को लेकर राहुल गांधी ने बयान देते हुए कहा कि राज्य की मौजूदा राजनीति ने बीजेपी को मजबूत होने का मौका दिया है। उन्होंने कुछ नीतियों और विपक्ष की स्थिति पर सवाल उठाए। वहीं, रिकॉर्ड वोटिंग के बावजूद ज्यादातर इलाकों में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ। कुछ इलाकों से हल्की नोकझोंक और विवाद की खबरें जरूर सामने आईं, लेकिन कहीं भी गंभीर हिंसा नहीं हुई। अब सबकी निगाहें मतगणना पर टिकी हैं, जहां अंतिम नतीजे स्थिति स्पष्ट करेंगे।

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