शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की समिट से पहले पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग से चीन के तिआनजिन में मुलाकात हुई है| पीएम मोदी और जिनपिंग की मीटिंग तकरीबन एक घंटे तक चली और इस दौरान सीमा पर शान्ति और आपसी सहयोग को और भी मजबूत करने पर जोर दिया गया|
पीएम मोदी ने कहा, हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा प्रबंधन को लेकर एक समझौता हुआ है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हुई है। दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी फिर से शुरू की जा रही हैं। दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित हमारे सहयोग से जुड़े हैं।
मोदी ने कहा, इससे संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा। हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग बोले
उन्होंने कहा, दोनों पक्षों को अपने संबंधों को रणनीतिक उंचाई और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखने और संभालने की आवश्यकता है। हमें बहुपक्षवाद को बनाए रखने, एक बहुध्रुवीय विश्व और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में अधिक लोकतंत्र लाने के लिए मिलकर काम करने, और एशिया और दुनिया भर में शांति और समृद्धि में अपना सच्चा योगदान देने की अपनी ऐतिहासिक ज़िम्मेदारी को भी पूरा करना होगा|
बता दें कि 25वें SCO शिखर सम्मेलन 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चलने वाली है, इस दौरान पीएम मोदी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात करेंगे| अमेरिका की चालाकी के बीच पीएम मोदी का चीन और रशिया के नेताओं से मिलना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है| दूसरी तरफ अमेरिका भारत पर लगातार दबाव बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है|
इसलिए चीन और भारत आये करीब
अमेरिका अपनी दादागिरी दिखाते हुए चीन पर 125 फीसदी तक टैरिफ लगाया| वहीं भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा चूका है| जिसमें । ट्रंप ने पहले भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया लेकिन जब उसकी दाल नहीं गली तो रूस से तेल खरीदने के आरोप में 25 फीसदी अतिरिक्ट टैक्स का ऐलान कर दिया। जो बाद में 50 फीसदी हो गई|
Keywords – SCO Summit 2025, PM Modi, Xi Jinping, India-China Relations