आंध्र प्रदेश के कुरनूल में हुए बस हादसे में 20 लोगों की मौत की खबर ने सबको हैरान कर दिया है। यह दुखद घटना शुक्रवार की सुबह हुई थी, जिसमे तेलंगाना के छह लोग भी शामिल थे। पहले इस दुर्घटना का कारण एक बाइक से टक्कर को माना गया था, लेकिन अब फोरेंसिक जांच में बहुत अहम और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। चिन्नाटेकुर के पास वेमुरी कावेरी ट्रैवल्स की बस में लगी आग केवल एक साधारण दुर्घटना नहीं थी, बल्कि इसकी वजह कुछ और ही निकली है।
सामान के केबिन में हुआ मोबाइल बैटरियों का धमाका
फोरेंसिक विशेषज्ञों का कहना है कि बस में आग लगने और तेजी से फैलने का मुख्य कारण सामान रखने वाले केबिन में रखे सैकड़ों मोबाइल फोन में हुआ विस्फोट था। इस विस्फोट की वजह से मरने वालों की संख्या इतनी बढ़ गई। जांच से पता चला है कि दुर्घटना तब हुई जब बस आगे चल रहे एक दुपहिया वाहन से टकरा गई, और इस टक्कर से बाइक का तेल टैंक का ढक्कन उड़ गया और पेट्रोल सड़क पर फैल गया। जब बस बाइक को कुछ दूर तक घसीटती गई, तो सड़क पर चिंगारिया निकलने लगी।
आग फैलने का खतरनाक सिलसिला
उन्हीं चिंगारियों से पेट्रोल में तुरंत आग लग गई और वह तेजी से फैल गई। सबसे पहले आग बस के सामान के केबिन में लगी, और इस केबिन में 400 से भी ज्यादा मोबाइल फोन वाला एक पार्सल रखा हुआ था। गर्मी बहुत ज्यादा होने के कारण इन मोबाइल फोन की बैटरिया फटने लगी, और एक के बाद एक कई विस्फोट हुए। इन विस्फोटों से आग बस के ऊपरी हिस्से में बनी यात्री सीट और बर्थ तक फैल गई। फोरेंसिक टीम के अनुसार, सामान के केबिन के ठीक ऊपर वाली सीटों और बर्थ पर बैठे यात्री बहुत बुरी तरह झुलस गए और उनकी जान चली गई, क्योंकि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी के लिए भी बचना मुश्किल हो गया।
जानलेवा बनी निजी ट्रेवल कंपनियों की लापरवाही
वहा मौजूद लोगों ने बताया कि मोबाइल की बैटरियों के फटने पर एक तेज आवाज सुनाई दी, और वह आवाज सुनकर ड्राइवर ने बस रोकी, खिड़की से बाहर कूद गया, और हालात देखने के लिए बस के पीछे की ओर गया। लेकिन तब तक आग पूरी तरह फैल चुकी थी और बस में धुआ भर गया था। बस में आपातकालीन द्वार यानी इमरजेंसी गेट नहीं खुल पाया, जिसके कारण अंदर बैठे यात्री बाहर नहीं निकल पाए और कई लोग अपनी जान गंवा बैठे। नियमों के हिसाब से यात्री वाहनों में यात्रियों के निजी सामान के अलावा कोई भी सामान नहीं ले जाना चाहिए, लेकिन कई निजी ट्रेवल कंपनिया इन नियमों को नजरअंदाज करके सामान ढोती हैं, और यह घटना इसी लापरवाही का एक बड़ा उदाहरण बन गई है।
इंसानी गलती का भयानक परिणाम
मोबाइल फोन और उनकी बैटरिया लिथियम पदार्थ से बनी होती हैं, और गर्मी पाकर ये आसानी से फट सकती हैं। प्लास्टिक कवर होने के कारण आग और भी तेजी से फैलती है। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने साफ कहा है कि यह भयानक दुर्घटना पूरी तरह से मानवीय लापरवाही यानी इंसानी गलती के कारण हुई है। उन्होंने सुझाव दिया है कि सामान के केबिन में इस तरह का सामान ले जाने वालों पर सख्त एक्शन होना चाहिए। छोटी सी गलती की वजह से इतने सारे बेकसूर लोगों की जान जाने पर पूरे राज्य में बहुत ज्यादा गुस्सा और दुःख है।
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