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नेशनल हेराल्ड केस में दिल्ली पुलिस EOW ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर दर्ज की नई FIR, साजिश, धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप

दिल्ली भारत
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नेशनल हेराल्ड केस एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ नई FIR दर्ज की है। FIR और ED की हालिया चार्जशीट में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया गया है। यह केस मुख्य रूप से एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) और यंग इंडियन (YI) के बीच शेयर ट्रांसफर और संपत्तियों के नियंत्रण से जुड़ा है।

चार्जशीट में किन पर आरोपों का उल्लेख है?

ED ने 9 अप्रैल 2025 को PMLA के तहत जो चार्जशीट दाखिल की, उसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी के अलावा कई नामों का उल्लेख है। जिनमें

  • सोनिया गांधी – आरोपी संख्या 1
  • राहुल गांधी – आरोपी संख्या 2
  • सुमन दुबे – आरोपी संख्या 3
  • सैम पित्रोदा – आरोपी संख्या 4
  • यंग इंडियन (YI) – आरोपी संख्या 5
  • डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड – आरोपी संख्या 6
  • सुनील भंडारी – आरोपी संख्या 7

चार्जशीट में दावा किया गया है कि जांच के दौरान AJL से जुड़ी वित्तीय गतिविधियों और शेयर ट्रांसफर में कई अनियमितताएं पाई गईं।

शेयर ट्रांसफर और संपत्ति नियंत्रण का आरोप

FIR और ED के दस्तावेजों में आरोप है कि 2010 में AJL की लगभग ₹2000 करोड़ मूल्य की संपत्तियों से जुड़ी गतिविधियों में YI को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।

अधिकारियों के अनुसार AJL के 99% शेयर YI को मात्र ₹50 लाख में ट्रांसफर किए गए। YI में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की संयुक्त हिस्सेदारी 76% दर्ज की गई थी। बाकी 24% हिस्सेदारी मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस के पास थी। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस प्रक्रिया से AJL की संपत्तियों पर प्रभावी नियंत्रण YI के माध्यम से चला गया।

वित्तीय लेन-देन की जांच

ED की जांच रिपोर्ट में कथित फर्जी दान, विज्ञापन और किराए से जुड़े लेनदेन का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार लगभग ₹18.12 करोड़ के फर्जी दान किए गए। AJL को ₹38 करोड़ के एडवांस किराए और ₹29 करोड़ के विज्ञापनों से जुड़े लेन-देन की जांच हुई। कई विज्ञापनदाताओं ने बयान में कहा कि ये भुगतान राजनीतिक प्रभाव में किए गए थे।

संपत्तियों की कुर्की और आयकर जांच

ED ने दिल्ली, मुंबई और लखनऊ में AJL की ₹661 करोड़ मूल्य की संपत्तियों को कुर्क किया था, जिसकी पुष्टि निर्णायक प्राधिकारी ने कर दी है। आयकर विभाग ने 2017 में यंग इंडियन से जुड़े मामले में ₹414 करोड़ की टैक्स अनियमितता का उल्लेख किया था।

गांधी परिवार की दलीलें

सोनिया गांधी और राहुल गांधी का कहना है कि AJL और नेशनल हेराल्ड समूह का उद्देश्य राष्ट्रीय हित से जुड़े प्रकाशनों को पुनर्जीवित करना था।

YI की स्थापना कानूनी सलाह के बाद की गई और इसका उद्देश्य AJL को आर्थिक रूप से स्थिर करना था। ED ने बयान में यह कहा कि पुनर्जीवन से संबंधित कोई ठोस दस्तावेज जांच में प्रस्तुत नहीं किया गया।

मामले की अगली सुनवाई और राजनीतिक महत्व

नेशनल हेराल्ड केस लंबे समय से राजनीतिक विवाद का विषय रहा है। नई FIR, ED की विस्तृत चार्जशीट और संपत्तियों की कुर्की के बाद यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन गया है। आने वाली सुनवाई में अदालत इन आरोपों और दस्तावेजों की कानूनी समीक्षा करेगी।

Keywords:Sonia Gandhi FIR, Rahul Gandhi FIR, Young Indian Case, AJL Case, National Herald Investigation, ED Chargesheet 2025

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