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उत्तराखंड में लागू नहीं होगा मदरसा बोर्ड का पाठ्यक्रम, हरिद्वार में साधु-संतों के बीच सीएम धामी का बड़ा ऐलान

भारत
madrasa board curriculum will not be implemented in uttarakhand cm dhami makes big announcement among saints in haridwar

Photo Credit - X\@pushkardhami

Uttarakhand Madrasa Board: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मदरसा शिक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने संतों के एक कार्यक्रम में कहा कि राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त किया जाएगा और शिक्षा प्रणाली को एक समान बनाने के लिए नया ढांचा लागू किया जाएगा। सीएम ने बताया कि अगले शैक्षणिक सत्र से सभी मदरसों में उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।

सीएम धामी का बयान

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बच्चों को आधुनिक और मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है ताकि वे प्रतिस्पर्धा में पीछे न रहें। उन्होंने साफ किया कि अब राज्य में मदरसा बोर्ड का अलग पाठ्यक्रम नहीं चलेगा। सभी शिक्षण संस्थानों को एक समान शिक्षा प्रणाली के तहत लाया जाएगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हो और छात्रों को अधिक अवसर मिल सकें।

नियम तोड़ने पर कार्रवाई

सीएम धामी ने कहा कि जो मदरसे सरकार के फैसले का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों को बंद भी किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और राज्य में शिक्षा सुधार सरकार की प्राथमिकता है।

सरकार का विजन और नया फैसला

मुख्यमंत्री ने संतों से आशीर्वाद लेते हुए कहा कि सरकार उत्तराखंड को एक आदर्श और विकसित राज्य बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उनका मानना है कि एक समान पाठ्यक्रम लागू होने से छात्रों को बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिलेंगे। इससे राज्य की शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 2026 से पूरे राज्य में मदरसा बोर्ड को भंग कर दिया जाएगा, जिसमें हरिद्वार सहित सभी जिले शामिल होंगे। इसके बाद सभी मदरसे उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से जुड़े रहेंगे और राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के नियमों के तहत काम करेंगे।

Keywords: Uttarakhand Madrasa Board Reform, Uttarakhand School Board Curriculum, Madrasa Board Abolition Uttarakhand

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