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मिडिल ईस्ट तनाव के कारण LPG सिलेंडर पर बढ़ा खतरा, उपभोक्ताओं को 14.2 kg के जगह मिल सकता है 10 किलो गैस; ऑयल मार्केटिंग कंपनियां कर रही विचार

भारत
lpg cylinder supply at risk due to middle east tensions consumers may get 10 kg instead of 14 2 kg as oil marketing companies consider options

Photo Credit - AI

आगामी दिनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों में 14.2 किलो की जगह केवल 10 किलो गैस मिल सकती है। ईरान युद्ध के कारण सप्लाई में दिक्कत और देश में एलपीजी स्टॉक तेजी से घटने की स्थिति को देखते हुए ऑयल मार्केटिंग कंपनियां ऐसा कदम उठाने की तैयारी कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनियां 14.2 किलो के सिलेंडर में केवल 10 किलो गैस भरकर अधिक से अधिक लोगों तक सीमित स्टॉक पहुंचाने की योजना बना रही हैं। इंडस्ट्री सूत्रों का कहना है कि यह कदम मौजूदा संकट से निपटने के लिए जरूरी हो सकता है।

एलपीजी संकट के बीच सिलेंडर में घटाई जा सकती है गैस

खबरों के अनुसार, कंपनियों का अनुमान है कि जहां 14.2 किलो का सिलेंडर औसत परिवार में 35-40 दिन चलता है, वहीं 10 किलो गैस भी करीब एक महीने तक काम आ सकती है। इससे लिमिटेड स्टॉक ज्यादा-से-ज्यादा घरों तक पहुंच सकेगा। इस योजना के लागू होने पर सिलेंडरों पर नए स्टिकर लगाए जाएंगे, जो कम मात्रा की जानकारी देंगे, और उपभोक्ताओं को कीमत में भी आनुपातिक राहत मिलेगी। हालांकि, इसके लिए बॉटलिंग प्लांट में तकनीकी बदलाव और नियामकीय मंजूरी आवश्यक होगी।

एलपीजी की आपूर्ति पहले ही तनाव में है। खाड़ी देशों से नई खेप नहीं पहुंच रही है और पिछले सप्ताह केवल दो जहाज करीब 92,700 टन एलपीजी लेकर Strait of Hormuz पार कर सके, जो देश की सिर्फ एक दिन की डिस्ट्रीब्यूशन के बराबर है। कमर्शियल उपभोक्ताओं को आंशिक सप्लाई बहाल करने से भी दबाव बढ़ गया है।

एलपीजी आपूर्ति में घरेलू उपभोक्ताओं को राहत

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने हाल ही में एलपीजी की आपूर्ति को लेकर चिंता जताई और कहा कि गैस का संरक्षण जरूरी है। इसके बावजूद, घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल नियमित सप्लाई मिल रही है। पहले कमर्शियल सेक्टर की सप्लाई रोक दी गई थी, जिसे अब युद्ध-पूर्व स्तर के 40% तक बहाल किया गया है। देश में कुल एलपीजी खपत लगभग 93,500 टन प्रतिदिन है, जिसमें 80,400 टन यानी 86% घरेलू क्षेत्र की है। मार्च के पहले 15 दिनों में खपत में 17% की गिरावट दर्ज की गई, जो संकट का असर दर्शाती है।

90% LPG खाड़ी देशों पर निर्भर करती है

वहीं आपको बता दें कि भारत अपने LPG जरुरत गैसों का 60% इम्पोर्ट करता है जिसमें से ईरान इजरायल US तनाव से पहले 90% सप्लाई खाड़ी देशों से होती थी। साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर Strait of Hormuz शिपिंग के लिए बंद रहता है तो ईरान के एनर्जी लोकेशंस को US निशाना बनाएगा। फिलहाल, भारत के छह एलपीजी टैंकर पर्शियन गल्फ में फंसे हैं और होर्मुज पार करने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे सप्लाई की कमी और बढ़ गई है।

Keywords: LPG Supply Crisis India, Piped Gas Shortage Due To Iran Conflict, Free Gas Cylinders For Households, LPG Import Dependency On Gulf Countries

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