नई दिल्ली: लोकसभा में भारी हंगामे के बाद स्पीकर की ओर कागज फेंकने के मामले में विपक्ष के आठ सांसदों पर सख्त कार्रवाई की गई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हंगामे के दौरान सभी आठ सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। आरोप है कि ये सांसद पहले स्पीकर की कुर्सी के पास पहुंचे और फिर हाथ में लिए कागज हवा में उछाल दिए। इस घटना के बाद लोकसभा की कार्यवाही को अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने लोकसभा से आठ कांग्रेस सांसदों के निलंबन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की अहम भूमिका होती है। नेता विपक्ष को यह कहना कि वह भारत–चीन संबंधों जैसे अहम मुद्दों पर बात नहीं कर सकते, लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने आगे कहा कि जब नेता विपक्ष को कहा जाता है कि वह किसी विषय पर न बोलें और किसी दूसरे मुद्दे पर चर्चा करें, और फिर उन्हें दरकिनार कर बिना विपक्ष के ही चर्चा कराने की बात कही जाती है, तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार विपक्षविहीन लोकतंत्र चाहती है? उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए ‘काला दिन’ बताते हुए सरकार पर लोकतंत्र विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
इन सांसदों को किया गया निलंबित
लोकसभा में हंगामे और स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंकने की घटना के संबंध में हिबी ईडन, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मणिक्कम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला और किरण कुमार रेड्डी समेत छह विपक्षी सांसदों को इस सत्र के शेष समय के लिए निलंबित कर दिया गया है।
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