आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के जालंधर स्थित आवास और उनकी निजी यूनिवर्सिटी पर ईडी ने छापेमारी की। इसके बाद AAP ने दावा किया कि इस कार्रवाई के पीछे राघव चड्ढा का हाथ है और उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर यह रेड करवाई है। हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक राघव चड्ढा या बीजेपी की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
डिप्टी लीडर पद बदलने से बढ़ा विवाद
AAP प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा कि हाल ही में डॉ. अशोक मित्तल को राज्यसभा में पार्टी का डिप्टी लीडर बनाया गया है, जबकि पहले यह जिम्मेदारी राघव चड्ढा के पास थी। उन्होंने बताया कि बताया जा रहा है कि डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने को लेकर राघव चड्ढा नाराज थे और इस बदलाव से असंतुष्ट थे।
उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ संयोग नहीं हो सकता कि राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटाया गया और उनकी जगह डॉ. अशोक मित्तल को जिम्मेदारी दी गई। इसके कुछ ही दिनों बाद अशोक मित्तल के घर पर ईडी की छापेमारी हुई और उसी दौरान राघव चड्ढा को केंद्र सरकार से Z+ सुरक्षा भी मिल गई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह सब केवल एक इत्तेफाक है।
बीजेपी से मुलाकात और रेड की साजिश का दावा
अनुराग ढांडा ने अपने वीडियो में कहा कि उन्होंने कई पत्रकारों से बात की है, जिनके सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में राघव चड्ढा की बीजेपी की शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात हुई थी। उन्होंने दावा किया कि उसी मुलाकात में कथित तौर पर यह तय किया गया कि डॉ. अशोक मित्तल के ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई होगी, जिससे पंजाब में बीजेपी के चुनावी अभियान की शुरुआत होगी। ढांडा के अनुसार, यह भी कहा जा रहा है कि इस बैठक में मित्तल को डराने और दबाव बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई थी।
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