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आधार में नाम या पता गलत तो अब चिंता मत करिए, कोर्ट ने UIDAI को दी हर जगह सुविधा देने की सख्त हिदायत

भारत
do not worry if name or address is wrong in aadhaar court strictly instructed uidai to provide facility everywhere

Photo Credit - Grok

मद्रास हाई कोर्ट ने आधार कार्ड को लेकर एक बहुत बड़ा फैसला सुनाया है जो हर आम आदमी के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इस फैसले में कोर्ट ने साफ साफ कहा है कि आधार कार्ड में कोई गलती सुधारना हर व्यक्ति का मूल अधिकार है। यह अधिकार सिर्फ कानूनी नहीं बल्कि संवैधानिक स्तर पर भी मजबूत है। कोर्ट की इस टिप्पणी से उन लाखों लोगों को बड़ी राहत मिली है जो आधार को अपडेट करने के चक्कर में महीनों तक इंतजार करते रहते हैं।

जस्टिस जीआर स्वामीनाथन की बेंच ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान यह बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब सरकार कई योजनाओं के लाभ देने के लिए आधार को अनिवार्य बनाती है, तो फिर इसे सही रखना भी नागरिकों का हक है। अगर इसके लिए लोगों को दूर के केंद्रों पर जाना पड़े या लंबी कतारों में खड़ा होना पड़े तो यह पूरी तरह गलत है। कोर्ट ने यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी UIDAI को सख्त हिदायत दी है कि अपडेट की सुविधा हर जगह, खासकर स्थानीय स्तर पर, आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए।

आधार सुधार का हक क्यों है इतना जरूरी

आधार कार्ड आजकल हर सरकारी काम के लिए सबसे पहली जरूरत बन गया है। पेंशन से लेकर राशन कार्ड तक सब कुछ इसी पर निर्भर करता है। लेकिन नाम या पते में छोटी सी गलती भी बड़े परेशानी का कारण बन जाती है। कोर्ट ने माना है कि आधार में सुधार का अधिकार जीवन के अधिकार से जुड़ा हुआ है। अगर कोई व्यक्ति गलत आधार के कारण सरकारी लाभ से वंचित रह जाता है, तो यह उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

यह ऐतिहासिक फैसला तमिलनाडु की रहने वाली 74 साल की विधवा पी पुष्पम की याचिका पर आया है। उनके पति एक पूर्व सैनिक थे, लेकिन आधार कार्ड में नाम और जन्म तिथि में गलती होने के कारण उनकी पेंशन रोक दी गई थी। पुष्पम ने कई बार सुधार की कोशिश की पर सुविधा न मिलने से काम अटक गया।

UIDAI को अब क्या करना होगा

कोर्ट के इस फैसले से UIDAI पर दबाव बढ़ गया है। अब उसे यह पक्का करना पड़ेगा कि हर तहसील या ब्लॉक स्तर पर आधार अपडेट की पूरी सुविधा हो। कोर्ट ने साफ कहा है कि सही जानकारी मिलने पर अपडेट में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कदम न सिर्फ पुष्पम जैसे लोगों के लिए राहत लाएगा, बल्कि पूरे देश में आधार सिस्टम को मजबूत बनाएगा। यह बदलाव लाखों नागरिकों को आसानी देगा और सरकारी कामकाज को तेज करेगा।

Keywords: Aadhaar Card Update Fundamental Right, Madras High Court Aadhaar Decision, UIDAI Mandatory Correction Facility

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