दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही बारिश ने हालात भयावह बना दिए हैं। रविवार रात से जारी भूस्खलन में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग लापता हैं। उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने बताया कि सोमवार सुबह एक और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य में बड़ी दिक्कतें आ रही हैं।
ममता बनर्जी करेंगी प्रभावित इलाकों का दौरा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को नवान्ना में आपात बैठक बुलाकर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी जिलों में राहत व बचाव कार्यों के समन्वय के लिए 24×7 नियंत्रण कक्ष की स्थापना की है। सीएम आज उत्तर बंगाल पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेंगी और अधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी लेंगी।
एक दशक की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना पिछले 10 वर्षों में सबसे भीषण भूस्खलन साबित हो रही है। 2015 के दार्जिलिंग भूस्खलन के बाद यह सबसे बड़ा हादसा है। मिरिक, धर गांव, जसबीरगांव और जलपाईगुड़ी के कई हिस्सों में घरों और सड़कों को भारी नुकसान हुआ है। कई पुल टूट गए हैं और दर्जनों गांव पूरी तरह संपर्क से कट गए हैं।
पर्यटक फंसे, सड़कों और पुलों को भारी नुकसान
भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से सिलीगुड़ी से दार्जिलिंग जाने वाले मुख्य मार्ग बंद हो गए हैं। कुर्सियांग और रोहिणी रोड पर यातायात ठप है। प्रशासन टिंढारिया रोड जैसे वैकल्पिक रास्तों से फंसे पर्यटकों को निकालने में जुटा है। साथ ही, बालासन नदी पर बना डुडिया लोहे का पुल टूटने से मिरिक का सिलीगुड़ी से संपर्क पूरी तरह कट गया है। सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव ने बताया कि लोक निर्माण विभाग अस्थायी पुल बनाने पर काम कर रहा है ताकि आंशिक आवाजाही बहाल हो सके।
हाथियों ने बचाई जानें, जलदापाड़ा में अनोखा रेस्क्यू
अलीपुरद्वार जिले के जलदापाड़ा वन क्षेत्र में बारिश के कारण एक लकड़ी का पुल टूट गया। पुल टूटने से कई पर्यटक फंस गए, लेकिन वन विभाग के प्रशिक्षित हाथियों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। वन्यजीव सहायक रेंजर रविकांत झा ने बताया कि सड़क मार्ग बंद होने के बाद हाथियों के जरिए सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया।
मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दार्जिलिंग, कूचबिहार और अलीपुरद्वार जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने अगले 24 घंटों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी है। उत्तर बंगाल के अन्य क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी है।
प्रधानमंत्री और राहुल गांधी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है और हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “दार्जिलिंग में हुए हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना।” वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी शोक व्यक्त किया और केंद्र सरकार से अपील की कि वह पश्चिम बंगाल और सिक्किम को तत्काल मदद उपलब्ध कराए।
विपक्ष का हमला, कहा ‘ममता थीं दुर्गा पूजा कार्निवल में व्यस्त’
भूस्खलन की गंभीर स्थिति के बीच विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि जब उत्तर बंगाल के लोग संकट में हैं, उस वक्त सीएम कोलकाता में राज्य सरकार के दुर्गा पूजा कार्निवल में शामिल हो रही थीं।
राहत कार्यों में तेजी, सरकार ने कहा ‘स्थिति चिंताजनक’
राज्य सरकार ने इसे “अत्यंत गंभीर और चिंताजनक” स्थिति बताते हुए सभी जिलाधिकारियों को हाई-रिस्क क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस के जवान लगातार राहत कार्यों में जुटे हैं। जलपाईगुड़ी में विस्थापित परिवारों को भोजन, पानी और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है।
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