- Advertisement -
- Advertisement -

Kishtwar Cloudburst Updates: किश्तवाड़ में बादल फटने से मचा त्राहिमाम, 33 की मौत, सैकड़ों लापता

भारत
causes havoc in Kishtwar 33 dead in chashoti village hundreds missing visuals will shock you

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में चशोती गांव में बादल फटने से भयानक तबाही मच गई। ये गांव मचैल माता मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते का पहला पड़ाव है। हर साल अगस्त में हजारों श्रद्धालु इस तीर्थ स्थल की यात्रा के लिए यहां पहुंचते हैं। लेकिन इस बार यात्रा शुरू होने से पहले ही प्रकृति ने ऐसा कहर बरपाया कि पूरा गांव मलबे और पानी के सैलाब में डूब गया। तेज बहाव ने घर, गाड़ियां, दुकानें और लंगर तक को अपनी चपेट में ले लिया।

हादसे का डरावना मंजर

हादसे के बाद सामने आए वीडियो में साफ दिखता है कि पहाड़ से पानी और मलबे का सैलाब गांव की ओर तेजी से बढ़ रहा था। लोग चीखते-चिल्लाते भाग रहे थे। सुरक्षाकर्मी जोर-जोर से “पीछे हटो, यहां से भागो” चिल्ला के लोगों को चेतावनी दे रहे थे। लेकिन पानी और पत्थरों की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई लोग बच नहीं पाए। चशोती गांव, जो 9,500 फीट की ऊंचाई पर बसा है, मचैल माता मंदिर का आखिरी मोटरेबल पॉइंट है। इसके बाद 8.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू होती है। इस हादसे ने इस रास्ते को भी पूरी तरह तबाह कर दिया।

https://twitter.com/INCJammuKashmir/status/1955924071998276011


मौत और लापता लोगों का आंकड़ा

अब तक 33 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें दो सीआईएसएफ जवान भी शामिल हैं। 220 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। 120 लोग घायल हैं, जिनमें 37 की हालत गंभीर है। बाढ़ ने कई घरों, दुकानों और एक सुरक्षा चौकी को पूरी तरह बहा दिया। मचैल माता यात्रा, जो 25 जुलाई से 5 सितंबर तक चलती है, को तुरंत रोक दिया गया। श्रद्धालुओं के टेंट, बसें और सामान भी पानी में बह गए। कुछ लोग तो अपनी जान बचाने के लिए पहाड़ों की ओर भागे, लेकिन मलबे और पानी ने उन्हें भी नहीं बख्शा।


राहत और बचाव कार्य में चुनौतियां

राहत और बचाव का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। किश्तवाड़ के डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी खुद मौके पर पहुंचे और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। एनडीआरएफ की दो टीमें, एसडीआरएफ, सेना और पुलिस के जवान दिन-रात मलबे में फंसे लोगों को ढूंढ रहे हैं। लेकिन टूटी सड़कें, पहाड़ी इलाका और तेज पानी का बहाव इस काम को बेहद मुश्किल बना रहा है। सेना के व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने राहत सामग्री और मेडिकल टीमें भेजी हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में ले जाया जा रहा है, लेकिन कई जगहों पर पहुंचना मुश्किल है।

सरकारी और केंद्रीय स्तर पर कार्रवाई

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने डिप्टी कमिश्नर से बात कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात की और राहत कार्यों की जानकारी दी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सिविल, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को बचाव कार्य तेज करने का निर्देश दिया। प्रशासन ने लापता लोगों की तलाश के लिए हेलिकॉप्टर भी तैनात किए हैं, लेकिन खराब मौसम इस काम में बाधा डाल रहा है।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 4-6 घंटों में किश्तवाड़ और आसपास के इलाकों में भारी बारिश, बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं। भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है। लोगों को बिजली के खंभों, तारों और पुराने पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी गई है। डल झील और वुलर झील में नौका विहार और शिकारा सवारी पर भी रोक लगा दी गई है। स्थानीय लोग और श्रद्धालु डर के साये में हैं, क्योंकि मौसम की मार ने पहले ही भारी नुकसान पहुंचाया है।

Keywords:kishtawar Cloudburs, Jammu And Kashmir ,Chishoti Area, Machail Mata Yatra

What do you think?

- Advertisement -