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चैतन्यानंद सरस्वती पर कानून का शिकंजा? यौन शोषण के आरोप में न्यायालय ने पांच दिनों तक भेजा पुलिस रिमांड पर!

भारत क्राइम
chaitanyananda saraswati faces mounting trouble after being remanded to police custody in a sexual abuse case filed by 17 female students

Photo Credit - X

यौन शोषण के गंभीर आरोप में घिरे चैतन्यानंद सरस्वती की मुसीबत्तें लगातार बढ़ती जा रही है। इस मामले में पटियाला हाउस स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें पूछताछ के लिए 5 दिनों तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

दरअसल चैतन्यानंद सरस्वती रविवार की सुबह आगरा के होटल से गिरफ्तार किए गए थे और उन्हें दोपहर को अदालत में पेश किया गया, जहां उनके वकील ने कई बीमारियों का हवाला देते हुए बेल देने की अपील की, लेकिन लोक अभियोजक श्रुति सिंघल ने दलील दिया कि उनके विरुद्ध गंभीर आरोप हैं, उनके विरुद्ध 17 छात्राओं ने यौन शोषण का आरोप लगाई हैं, इसके बाद न्यायालय ने 5 दिनों के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

दरअसल चैतन्यानंद सरस्वती संस्थान व शौचालयों में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए छात्राओं पर गंदी नजर रखते थे। उनके द्वारा छात्राओं पर यौन शोषण के लिए दवाब डाला जाता था और धमकियां भी दी जाती थी। अब तक उनके विरुद्ध 17 छात्राओं ने मामला दर्ज करवाई है।

पुलिस ने बताया कि छात्राओं के आरोप के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। अब पुलिस हिरासत में उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान उनके बैंक खाता तथा एफडी को भी फ्रीज कर दिया गया है जिसमें तकरीबन 8 करोड़ की राशि है। पुलिस द्वारा यह भी बताया गया है कि वे कई नामो तथा दस्तावेज के साथ बैंकों में खाता खुला रखे हैं। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद 50 लाख से अधिक की राशि की निकासी भी की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस ने उनके पास से नकली विजिटिंग कार्ड भी बरामद की है। जिन पर वे खुद को संयुक्त राष्ट्र और ब्रिक्स से जुड़ा हुआ अपने आप को प्रदर्शित किया है।

न्यायालय में चैतन्यानंद सरस्वती के बकील ने कई दलील दिए,पहले तो कई बीमारियों का हवाला दिया गया फिर कहा गया कि संबंधित मामले में सभी प्रकार के पूछताछ की प्रक्रिया पूरी हो गई है ऐसे में पुलिस रिमांड में भेजा जाना उचित नहीं है। दोनों पक्ष के दलीलों को सुनने के बाद अंततः न्यायालय ने उन्होंने 5 दिन के पुलिस रिमांड में भेज दिया है।

Keywords Court Order, Agra Institute, Fake Visiting Card, Police Remand

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