उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के झूंसी पुलिस स्टेशन में ज्योतिष पीठ के अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज हुई है। उनके ऊपर नाबालिग लड़कों के साथ यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया गया है। वहीं, अपने ऊपर लगे आरोपों को अविमुक्तेश्वरानंद ने सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि उन पर लगाया गया आरोप बेबुनियाद है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, “हम समय-समय पर जनता से मिलते हैं। यह सरकार चाहती है कि हम ही धर्मचारी और सरकार हो जाएं। देश में चार शंकराचार्य हैं, जो सनातन धर्म की रक्षा करते आए हैं। अब इन पर प्रहार किया जा रहा है।
सच्चाई कभी समाप्त नहीं होती, बल्कि वह सदा बनी रहती है। गौहत्या पर प्रतिबंध की आवाज उठी है और हम इस आवाज को और बुलंद करते रहेंगे। ये लोग जनता का ध्यान दूसरी ओर ले जाना चाहते हैं। देश की जनता चाहती है कि गौ माता की रक्षा हो। चारों पीठों के शंकराचार्यों से मिलकर हम गौ माता की रक्षा का यह आंदोलन चला रहे हैं। जिन छात्रों की बात हो रही है, वे हमारे गुरुकुल के नहीं हैं।”
इस एक्ट में दर्ज है मामला
प्रयागराज में एडीजे (रेप और POCSO) स्पेशल कोर्ट ने पुलिस को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों के संबंध में FIR दर्ज करने का आदेश दिया है।
एडीजे (POCSO एक्ट) विनोद कुमार चौरसिया ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने पुलिस को FIR दर्ज कर मामले की पूरी जांच करने को कहा है। कोर्ट के आदेश के बाद अब झूंसी थाने में केस दर्ज किया जाएगा।
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