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721 साल बाद मां वाग्देवी का भव्य श्रृंगार, छप्पन भोग से सजी भोजशाला; CM मोहन यादव ने की विशेष पूजा

भारत
after 721 years grand adornment of maa vagdevi at bhojshala with chhappan bhog cm mohan yadav performs special worship

Photo Credit: X/DrMohanYadav51

भोजशाला के मुक्त होने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव मां वाग्देवी के दर्शन करने पहुंचे। सोमवार को 721 साल बाद सकल हिंदू समाज ने मां वाग्देवी को छप्पन भोग अर्पित किया। इस अवसर पर मंदिर के पुजारियों ने मुख्यमंत्री को माता का प्रतीक चिन्ह भी भेंट किया। सीएम ने सरस्वती वंदना की और कहा कि वे मां वाग्देवी की प्रतिमा को वापस लाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट के फैसले से स्थिति स्पष्ट हुई है और देश में खुशी का माहौल है। साथ ही उन्होंने धार को प्रदेश का प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने की बात कही।

वाग्देवी की प्रतिमा वापसी की कोशिशों का ऐलान

मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा वर्तमान में लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम में रखी हुई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे भारत वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

भोजशाला के विकास को लेकर धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर की मांग तेज

हाई कोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला को अब हिंदू मंदिर के रूप में माना जा रहा है, जहां नमाज पर रोक लग चुकी है और नियमित पूजा हो रही है। इस बीच हिंदू संगठनों ने इसके विकास की मांग उठाई है। उनका कहना है कि इसे सरस्वती लोक के रूप में विकसित किया जाए। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने यहां संस्कृत विश्वविद्यालय और धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर बनाने की भी मांग की है। साथ ही इसे अयोध्या मॉडल की तरह भव्य धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने की अपील की जा रही है।

भोजशाला में पूजा शुरू होने से हिंदू समाज में उत्साह

साढ़े सात सौ साल के लंबे इंतजार के बाद भोजशाला में फिर से पूजा-पाठ शुरू होने को लेकर लोगों में खुशी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ऐसे सीएम बने हैं जिन्होंने यहां पूजा की। उनके आने और पूजा करने से हिंदू समाज में उत्साह देखा जा रहा है। कोर्ट के फैसले के बाद अब श्रद्धालुओं को सूर्योदय से सूर्यास्त तक नियमित पूजा करने की अनुमति मिल गई है। पहले केवल मंगलवार और बसंत पंचमी पर ही पूजा होती थी। अब परिसर में रोजाना विधि-विधान से पूजा की जा रही है।

भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मुस्लिम पक्ष

भोजशाला को लेकर हाईकोर्ट के फैसले के बाद मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने इसे हिंदू मंदिर मानते हुए जुमे की नमाज की अनुमति भी खत्म कर दी थी। इस निर्णय को चुनौती देते हुए मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उनका कहना है कि ASI द्वारा 2003 में तय की गई व्यवस्था फिर से लागू की जाए, जिसके तहत मंगलवार को पूजा और शुक्रवार को नमाज की अनुमति दी जाती थी।

Keywords: Bhojshala Temple Controversy, Mohan Yadav Bhojshala Visit, Bhojshala Religious Tourism Corridor Demand

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