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एनडीए में बड़ा भाई कौन भाजपा या जेडीयू? अमित शाह के दौरे से राजनीति में मचा भूचाल, डेढ़ दर्जन वर्तमान विधायक के कटेंगे टिकट!

भारत बिहार
a two day marathon meeting of bjp workers concluded with union home minister amit shah giving several important indications about bihar politics

बिहार विधानसभा चुनाव का ऐलान कभी भी हो सकता है। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार दौरा कर राजनीति के कई बड़े संकेत दिए हैं। बिहार एनडीए में बड़े भाई की भूमिका को लेकर हमेशा से मामला उलक्षा जा रहा है, विधानसभा चुनाव में अब तक जदयू हमेशा बड़े भाई की भूमिका में रही है।भले ही पिछले विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी ने काफी कम सीटें जीती थी लेकिन फिर भी कहा जा रहा है इस बार भी वह भाजपा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़कर बड़े भाई की भूमिका में हीं रहना चाह रही हैं। इस बीच अमित शाह ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर भाजपा को बड़े भाई की भूमिका निभाने के संकेत दे चुके हैं।

अमित शाह ने पटना में भाजपा के कार्यकर्ताओं के साथ लंबी बैठक की। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले अपने पार्टी के विधायकों के कार्यों की समीक्षा की। जिसके तहत यह स्थिति सामने आ गई कि लगभग डेढ़ दर्जन वर्तमान विधायक के टिकट कट सकते हैं। इनमें कुछ विधायकों का टिकट इसलिए काटा जाएगा कि उनका उम्र 70 के पार होने वाला है वहीं कई विधायक अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य नहीं कर सके हैं जिसके कारण उन्हें इस बार मैदान में उतराने की जोखिम पार्टी नहीं लगी।

भाजपा कार्यकर्ताओं की दो दिनों की मैराथन बैठक संपन्न हो गई है। इस मीटिंग में क्या कुछ हुआ इसे लेकर अब बातें सामने आने लगी है। विधानसभा के प्रत्येक सीट का रिव्यू करते हुए पुरा लेखाजोखा अमित शाह के पास रखा गया जिसमें टिकट काटने के निर्देश भी कुछ लोगों के लिए जारी किया गया है। इस लिस्ट में उन विधायकों की सूची सबसे ऊपर है जो पार्टी के लिए वफादार साबित नहीं हुए हैं। दरअसल 2024 में बिहार विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान कई विधायकों की स्थिति संदिग्ध रही है जिसके आधार पर उनका टिकट कटना लगभग तय हो गया है।

पिछले विधानसभा चुनाव में 13 विधायक ऐसे थे जो काफी कम अंतर से चुनाव जीत पाए थे। इस बार यह कहा जा रहा है कि उन लोगों को टिकट काटा जा सकता है। उनके जगह पर नए उम्मीदवार की खोज चल रही है। भाजपा के कदाबर नेता अमित शाह ने साफ तौर पर कहा है कि पार्टी वैसे उम्मीदवार पर दांव अब नहीं खेलेगी जिनकी जीत में पहले से ही कोई शक नजर आता हो।

keywordsBihar Election, Election Commission, NDA, Politics

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