- Advertisement -
- Advertisement -

NEET पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट का तीखा रुख, NTA की कार्यप्रणाली पर उठाए बड़े सवाल

शिक्षा भारत
supreme court takes a sharp stance in neet paper leak case raises major questions on ntas functioning

Photo Credit: Social Media

NEET-UG पेपर लीक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने NTA (National Testing Agency) की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने पूछा कि सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मौजूद होने के बावजूद इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। कोर्ट ने UPSC परीक्षा प्रणाली का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां इस तरह की घटनाएं सामने नहीं आतीं, इसलिए बेहतर व्यवस्था से सीख लेने की जरूरत है। सुनवाई के दौरान अदालत ने NTA और डॉ. राधाकृष्णन की ओर से दाखिल हलफनामों को रिकॉर्ड पर लिया और केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने निगरानी व्यवस्था पर उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के बाद सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी को लेकर सवाल किए। न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा ने पूछा कि लागू किए गए सुधारों की समीक्षा कितनी प्रभावी तरीके से की गई। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि आखिर कौन-सी कमियां रह गईं, जिनकी वजह से सुरक्षा उपाय मौजूद होने के बावजूद पेपर लीक जैसी घटना सामने आई।

सुरक्षा सुधारों को लेकर कोर्ट में हुई अहम चर्चा

सुनवाई के दौरान परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। अदालत ने सुझाव दिया कि विशेषज्ञों और प्रमुख विश्वविद्यालयों की मदद से एक छोटी निगरानी समिति बनाई जा सकती है, जो नई तकनीक और बेहतर तरीकों पर काम करे। कोर्ट ने कहा कि समय के साथ सुरक्षा के तरीके बदलते रहते हैं, इसलिए AI और आधुनिक तकनीकों के जरिए परीक्षा प्रणाली को और सुरक्षित बनाने की जरूरत है।

NTA और सरकार के हलफनामों पर कोर्ट में हुई चर्चा

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NTA के निदेशक द्वारा दायर हलफनामे में उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के कार्यान्वयन और NEET-UG संचालन का विवरण शामिल है। अदालत ने यह भी बताया कि संचालन समिति के प्रमुख डॉ. राधाकृष्णन ने भी सिफारिशों के पालन को लेकर हलफनामा दाखिल किया है। कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से भी विस्तृत जवाब दाखिल किया जाना आवश्यक है, जबकि सॉलिसिटर जनरल ने सुझाव दिया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय सरकार का प्रतिनिधित्व कर सकता है।

NEET परीक्षा सुधार और निगरानी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संबंधित मंत्रालय को एक हलफनामा दाखिल करना होगा, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि आगे परीक्षाओं की प्रक्रिया कैसे संचालित और समाप्त की जाएगी। अदालत ने यह भी कहा कि विशेषज्ञों की नियुक्ति और संस्थागत ढांचे के जरिए व्यवस्था में निरंतरता और मजबूती सुनिश्चित की जानी चाहिए। कोर्ट ने निर्देश दिया कि 2 जुलाई से पहले शपथ पत्र दाखिल किया जाए। सुनवाई में यह भी कहा गया कि युवाओं की भावनाओं और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना जरूरी है।

Keywords: NEET UG Paper Leak, Supreme Court NEET Hearing, National Testing Agency (NTA), NEET Exam Reforms India

What do you think?

- Advertisement -