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खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या मामले में भारतीय आरोपी निखिल गुप्ता ने कबूला अपना जुर्म, 24 साल की होगी सजा

क्राइम भारत
nikhil gupta confesses crime in khalistani leader pannu murder case 24 years sentence

अमेरिका में रह रहे खालिस्तानी समर्थक नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश के मामले में एक महत्वपूर्ण विकास सामने आया है। भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क की अदालत में हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की। इस मामले की पुष्टि यूएस अटॉर्नी ऑफिस, साउदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क ने की है।

निखिल गुप्ता ने कबूल किया अपना अपराध

54 साल के निखिल गुप्ता ने मैनहैटन की फेडरल कोर्ट में अपने अपराध को स्वीकार करते हुए कहा कि उन्होंने खालिस्तानी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नून की हत्या के लिए 15 हजार डॉलर दिए थे। गुप्ता ने पहले खुद को बेगुनाह बताया था, लेकिन अब उन्होंने सभी आरोपों को मान लिया है। पन्नून न्यूयॉर्क में रहते हुए प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ का नेतृत्व करते हैं। यह घटना 2023 के बीच की बताई जा रही है।

अमेरिकी अधिकारियों ने निखिल गुप्ता की सजा की प्रक्रिया शुरू

अमेरिकी अटॉर्नी जे क्लेटन ने कहा, “निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क में एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रची थी। उसे लगा था कि वह बिना किसी परिणाम के किसी को मार सकता है, लेकिन अब वह गलत साबित हुआ। उसे सजा दी जाएगी।” गुप्ता ने तीन आरोपों में दोष स्वीकार किया जैसे कि सुपारी देना, हत्या की साजिश रचना और पैसे की हेराफेरी। इन आरोपों के तहत उन्हें 40 साल तक की सजा हो सकती है। उनकी सजा का फैसला 29 मई को सुनाया जाएगा।

गुप्ता और विकाश यादव की साझेदारी का खुलासा

अमेरिकी चार्जशीट के अनुसार, मई 2023 में “सीसी-1” नामक एक व्यक्ति ने निखिल गुप्ता से संपर्क किया और उसे खालिस्तानी नेता पन्नून की हत्या की साजिश में शामिल होने के लिए राजी किया। बाद में अमेरिकी सरकार ने “सीसी-1” की पहचान विकाश यादव के रूप में की, जो पहले सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) में थे और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के साथ जुड़े थे। अक्टूबर 2024 में, अमेरिकी न्याय विभाग ने यादव पर औपचारिक आरोप लगाए, लेकिन वे अभी भारत में फरार हैं और दिल्ली पुलिस ने उन्हें एक अलग वसूली मामले में नामजद किया है।

भारत सरकार का बयान

अक्टूबर 2024 में विकाश यादव पर आरोप लगने के बाद, भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “अमेरिकी विदेश विभाग ने सूचित किया है कि चार्जशीट में जिन व्यक्ति का नाम है, वह अब भारत सरकार के लिए काम नहीं करता है।”

सुपारी और पैसों की साजिश

अभियोजकों के अनुसार, विकाश यादव ने निखिल गुप्ता को एक ऐसे व्यक्ति को मारने के लिए राजी किया, जो भारत सरकार का आलोचक था और अमेरिका में एक संगठन चला रहा था, जो पंजाब को अलग देश बनाने की मांग करता था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह व्यक्ति गुरपतवंत सिंह पन्नून था, जो अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता रखता था। जांच में यह भी पता चला कि गुप्ता ने एक गुप्त सूत्र से संपर्क किया, जो असल में अमेरिकी एजेंसियों का गुप्त एजेंट था। उसी व्यक्ति ने गुप्ता से मिलवाया, जो खुद को सुपारी किलर बता रहा था। गुप्ता ने 1 लाख डॉलर में सौदा तय किया और जून 2023 में 15 हजार डॉलर एडवांस के रूप में दिए।

निज्जर हत्या और साजिश का कनेक्शन

अमेरिकी एजेंसियों ने निखिल गुप्ता और विकाश यादव की साजिश को खालिस्तान समर्थक नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से भी जोड़ा है। निज्जर को ब्रिटिश कोलंबिया में गुरुद्वारे के बाहर गोली मारी गई थी। चार्जशीट के अनुसार, हत्या के कुछ घंटे बाद, यादव ने गुप्ता को निज्जर की लाश का वीडियो भेजा था। गुप्ता ने 19 जून 2023 को यह कहा कि निज्जर भी उनके निशाने पर था। इसके बाद, 20 जून को यादव ने पन्नून से संबंधित एक प्राथमिकता वाली खबर भेजी। भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया और नवंबर 2023 में एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाई। गृह मंत्रालय ने जनवरी 2025 में रिपोर्ट सौंपने के बाद, एक व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है।

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